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बिसारी के लोगों को कम क्षमता का दुग्ध चिलिंग प्लांट मंजूर नहीं
Tue, 25 Jun 2019 11:18 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Tue, 25 Jun 2019 11:18 PM IST
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दूध के चिलिंग प्लांट को बिसारी से हटाकर खेतीखान लगाने के विरोध में बिसारी में प्रदर्शन करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
पाटी विकासखंड के बिसारी से खेतीखान में शिफ्ट किए गए दुग्ध संघ के चिलिंग प्लांट से नाराज लोगों को मनाने की दुग्ध संघ की कवायद को झटका लगा है। दुग्ध संघ ने बिसारी के तीन हजार लीटर की क्षमता के चिलिंग प्लांट को खेतीखान शिफ्ट कर दिया था। और इसके स्थान पर एक हजार लीटर की क्षमता के चिलिंग प्लांट लगाने का प्रस्ताव भेजा गया, मगर यह प्रस्ताव बिसारी के लोगों को स्वीकार नहीं है। इसे लेकर महिलाओं ने मंगलवार को बिसारी के प्लांट भवन के समक्ष विरोध जताया।
पुष्पा देवी, जानकी देवी, कलावती देवी, कमला गहतोड़ी, बची देवी, ममता देवी, दीपा देवी, बबली देवी, मीना देवी, हीरा देवी, चनी देवी, शांति देवी आदि का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को तीन हजार लीटर क्षमता का ही चिलिंग प्लांट चाहिए। इसे लेकर वे आगे भी आंदोलन करेंगी। ग्रामीणों का कहना था कि किसी वजह से अभी दूध संग्रहण कम हो रहा है, लेकिन बरसात में दूध के उत्पादन में तेजी से इजाफा होगा। महिलाओं ने कहा कि दुग्ध संघ के इस कदम से क्षेत्र में दुग्ध उत्पादकों का उत्साह घटेगा।
कोट
दूध के कम संग्रहण की वजह से अधिक क्षमता के इस चिलिंग प्लांट का उपयोग नहीं हो पा रहा था। साथ ही इससे इसके संयंत्र के भी खराब होने का खतरा था। इस कारण इसे बिसारी से खेतीखान शिफ्ट किया गया था। बताया कि बिसारी में अब एक हजार लीटर की क्षमता के प्लांट का प्रस्ताव निदेशालय भेजा जाएगा।
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राजेश मेहता,
प्रबंधक, दुग्ध संघ।
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पुष्पा देवी, जानकी देवी, कलावती देवी, कमला गहतोड़ी, बची देवी, ममता देवी, दीपा देवी, बबली देवी, मीना देवी, हीरा देवी, चनी देवी, शांति देवी आदि का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को तीन हजार लीटर क्षमता का ही चिलिंग प्लांट चाहिए। इसे लेकर वे आगे भी आंदोलन करेंगी। ग्रामीणों का कहना था कि किसी वजह से अभी दूध संग्रहण कम हो रहा है, लेकिन बरसात में दूध के उत्पादन में तेजी से इजाफा होगा। महिलाओं ने कहा कि दुग्ध संघ के इस कदम से क्षेत्र में दुग्ध उत्पादकों का उत्साह घटेगा।
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कोट
दूध के कम संग्रहण की वजह से अधिक क्षमता के इस चिलिंग प्लांट का उपयोग नहीं हो पा रहा था। साथ ही इससे इसके संयंत्र के भी खराब होने का खतरा था। इस कारण इसे बिसारी से खेतीखान शिफ्ट किया गया था। बताया कि बिसारी में अब एक हजार लीटर की क्षमता के प्लांट का प्रस्ताव निदेशालय भेजा जाएगा।
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राजेश मेहता,
प्रबंधक, दुग्ध संघ।