{"_id":"657f2d742999d067480615e4","slug":"bird-watching-trails-exercise-between-circuit-house-to-hingladevi-champawat-news-c-229-1-shld1009-4061-2023-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: सर्किट हाउस से हिंग्लादेवी के बीच बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स की कवायद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: सर्किट हाउस से हिंग्लादेवी के बीच बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स की कवायद
Sun, 17 Dec 2023 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 17 Dec 2023 10:48 PM IST
विज्ञापन
सतीश जोशी सत्तू
चंपावत। जिले में प्रकृति और पक्षी प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यालय के सर्किट हाउस से हिंग्लादेवी मंदिर के बीच बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स के निर्माण के बाद घने जंगल के बीच में प्रकृति प्रेमी विभिन्न प्रजाति के पक्षियों का दीदार कर सकेंगे।
पर्यटन विभाग की ओर से करीब तीन किमी लंबे पैदल ट्रैक रूट पर विभिन्न स्थानों पर पर्यटकों को जानकारी देने वाले साइनेज लगाए जाएंगे। जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि जिला योजना के तहत 20 लाख रुपये से मां हिंग्लादेवी मंदिर ट्रैक रूट का कायाकल्प किया जाएगा। सर्किट हाउस से हिंग्लादेवी मंदिर के बीच घने जंगल में बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। तीन किमी लंबे इस पैदल ट्रैक पर परंपरागत खड़ंजा बनाया जाएगा और पर्यटकों की सुविधा के लिए जगह-जगह पर बेंच भी लगाई जाएंगी। संवाद
--
वनस्पतियों की जानकारी देने वाले साइन बोर्ड लगेंगे
चंपावत। पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को सर्किट हाउस और हिंग्लादेवी मंदिर के बीच घने जंगल में उगने वाले पेड़, पौधों और वनस्पतियों की जानकारी देने वाले साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इनमें विभिन्न प्रजाति के पेड़-पौधों के औषधीय और अन्य गुणों की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही पेड़ों में जगह-जगह बर्ड फीडर भी लगाए जाएंगे। संवाद
विज्ञापन
--
बांज, काफल और बुरांश सहित कई प्रजाति के पेड़-पौधे मौजूद
चंपावत। सर्किट हाउस से हिंग्लादेवी मंदिर के बीच प्रस्तावित ट्रैक पर बांज, काफल और बुरांश समेत कई प्रजातियों के पेड़-पौधे मौजूद हैं जो अपनी खूबसूरती से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। हिंग्लादेवी मंदिर से चंपावत का विहंगम दृश्य और हिमालय की पर्वत मालाएं भी दिखती हैं। संवाद
विज्ञापन
चंपावत। जिले में प्रकृति और पक्षी प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यालय के सर्किट हाउस से हिंग्लादेवी मंदिर के बीच बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स के निर्माण के बाद घने जंगल के बीच में प्रकृति प्रेमी विभिन्न प्रजाति के पक्षियों का दीदार कर सकेंगे।
पर्यटन विभाग की ओर से करीब तीन किमी लंबे पैदल ट्रैक रूट पर विभिन्न स्थानों पर पर्यटकों को जानकारी देने वाले साइनेज लगाए जाएंगे। जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि जिला योजना के तहत 20 लाख रुपये से मां हिंग्लादेवी मंदिर ट्रैक रूट का कायाकल्प किया जाएगा। सर्किट हाउस से हिंग्लादेवी मंदिर के बीच घने जंगल में बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। तीन किमी लंबे इस पैदल ट्रैक पर परंपरागत खड़ंजा बनाया जाएगा और पर्यटकों की सुविधा के लिए जगह-जगह पर बेंच भी लगाई जाएंगी। संवाद
विज्ञापन
वनस्पतियों की जानकारी देने वाले साइन बोर्ड लगेंगे
चंपावत। पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को सर्किट हाउस और हिंग्लादेवी मंदिर के बीच घने जंगल में उगने वाले पेड़, पौधों और वनस्पतियों की जानकारी देने वाले साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इनमें विभिन्न प्रजाति के पेड़-पौधों के औषधीय और अन्य गुणों की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही पेड़ों में जगह-जगह बर्ड फीडर भी लगाए जाएंगे। संवाद
विज्ञापन
बांज, काफल और बुरांश सहित कई प्रजाति के पेड़-पौधे मौजूद
चंपावत। सर्किट हाउस से हिंग्लादेवी मंदिर के बीच प्रस्तावित ट्रैक पर बांज, काफल और बुरांश समेत कई प्रजातियों के पेड़-पौधे मौजूद हैं जो अपनी खूबसूरती से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। हिंग्लादेवी मंदिर से चंपावत का विहंगम दृश्य और हिमालय की पर्वत मालाएं भी दिखती हैं। संवाद