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उफनाए नाले में बही बाइक, बाल बाल बचे श्रद्धालु
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पूर्णागिरि मार्ग पर नाले में रपटी बाइक से सुरक्षित बचे श्रद्धालु रोहन यादव और तुषार बिष्ट। संवा?
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि देवी के दर्शन कर लौट रहे पीलीभीत के दो श्रद्धालु यहां थ्वालखेड़ा के पास किरोड़ा नाले की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। नाले में बही बाइक शुक्रवार को मिलने के बाद इस घटना का पता चला। बाइक और बैग में मिली सामग्री के आधार पर दोनों श्रद्धालुओं को पुलिस ने बाइक मिलने की फोन से जानकारी दी। साथ ही शुक्रवार को बाइक उनके सुपुर्द कर दी गई।
बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे पीलीभीत के दो श्रद्धालु बाइक पर पूर्णागिरि धाम के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी थ्वालखेड़ा के पास आए किरोड़ा नाले के सैलाब में बाइक के साथ रपट गए। बाइक सवार रोहन यादव निवासी तुलाराम सुनगढ़ी थाना पीलीभीत और तुषार बिष्ट किसी तरह बचने में सफल रहे। रात को ही वे बस के जरिए पीलीभीत पहुंच गए। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने नाले से 100 मीटर दूर बाइक और बैग देखा। बूम पुलिस चौकी के प्रभारी सोनू बोहरा ने बाइक के नंबर के आधार पर वाहन मालिक का पता लगाया।
शुक्रवार को बाइक और बैग पीलीभीत से यहां पहुंचे श्रद्धालुओं को सौंप दिया गया। बता दें कि 19 जुलाई को भी यहां एक स्कूल की बस नाले के तेज बहाव में पलट गई थी। पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी और ग्रामीणों ने नाले में सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है। उधर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया का कहना है कि पूर्णागिरि मार्ग के सभी नालों के पास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। नाले के उफान पर आने पर उन्हें वहां मौजूद लोगों को आगे नहीं बढ़ने देने के निर्देश दिए गए हैं।
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चंपावत जिले की तीन ग्रामीण सड़कें बंद
चंपावत। मलबा आने से चंपावत जिले की छह ग्रामीण सड़कें शुक्रवार को बंद रही। इनमें से तीन सूखीढांग-डांडा-मीडार, चल्थी-नौलापानी और ललुवापानी-बनलेख-नघान सड़क को शाम पांच बजे तक खोल दिया गया। सिप्टी-अमकड़िया, धौन-बड़ोली और धौन-दिूयरी-बजौन सड़क समाचार लिखे जाने तक नहीं खोली जा सकी थी।
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बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे पीलीभीत के दो श्रद्धालु बाइक पर पूर्णागिरि धाम के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी थ्वालखेड़ा के पास आए किरोड़ा नाले के सैलाब में बाइक के साथ रपट गए। बाइक सवार रोहन यादव निवासी तुलाराम सुनगढ़ी थाना पीलीभीत और तुषार बिष्ट किसी तरह बचने में सफल रहे। रात को ही वे बस के जरिए पीलीभीत पहुंच गए। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने नाले से 100 मीटर दूर बाइक और बैग देखा। बूम पुलिस चौकी के प्रभारी सोनू बोहरा ने बाइक के नंबर के आधार पर वाहन मालिक का पता लगाया।
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शुक्रवार को बाइक और बैग पीलीभीत से यहां पहुंचे श्रद्धालुओं को सौंप दिया गया। बता दें कि 19 जुलाई को भी यहां एक स्कूल की बस नाले के तेज बहाव में पलट गई थी। पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी और ग्रामीणों ने नाले में सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है। उधर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया का कहना है कि पूर्णागिरि मार्ग के सभी नालों के पास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। नाले के उफान पर आने पर उन्हें वहां मौजूद लोगों को आगे नहीं बढ़ने देने के निर्देश दिए गए हैं।
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चंपावत जिले की तीन ग्रामीण सड़कें बंद
चंपावत। मलबा आने से चंपावत जिले की छह ग्रामीण सड़कें शुक्रवार को बंद रही। इनमें से तीन सूखीढांग-डांडा-मीडार, चल्थी-नौलापानी और ललुवापानी-बनलेख-नघान सड़क को शाम पांच बजे तक खोल दिया गया। सिप्टी-अमकड़िया, धौन-बड़ोली और धौन-दिूयरी-बजौन सड़क समाचार लिखे जाने तक नहीं खोली जा सकी थी।