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Champawat News: स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर चिकित्सा सेवा अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो
Tue, 09 Jan 2024 10:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 09 Jan 2024 10:35 PM IST
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चंपावत जिला सभागार में बैठक लेते डीएम नवनीत पांडे। संवाद
चंपावत। डीएम नवनीत पांडे ने मंगलवार को जिला सभागार में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर चिकित्सा सेवा अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में स्वास्थ्य सुविधा को और अधिक बेहतर बनाएं जिससे दूरस्थ क्षेत्र के आम जनमानस को भी एक अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवतियों का नियमित पंजीकरण, मातृत्व सुरक्षा अभियान अंतर्गत नियमित जांच और आवश्यक परामर्श प्रदान करने के साथ ही संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, बाल पोषण सहित अन्य योजनाओं में लक्ष्यानुसार प्रगति लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष अभियान के तहत 25 जनवरी तक सभी लाभार्थियों के शत प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाकर लाभान्वित करने को कहा। डीएम ने स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव पर जोर देते हुए कहा कि प्रसव के दौरान प्रसूता और शिशु की सुरक्षा के लिए ही जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराने की योजना चलाई जा रही है।
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उन्होंने संस्थागत प्रसव में कम प्रगति वाले केंद्रों के जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ संजय कुमार सिंह, पीएमएस डॉ. पीएस खोलिया, एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडे, डॉ. सीएस भट्ट, डॉ मनजीत आदि उपस्थित रहे।
लो वोल्टेज से दूसरे दिन भी नहीं हुए डायलिसिस
चंपावत। जिला अस्पताल में लो वोल्टेज के कारण मंगलवार को दूसरे दिन भी डायलिसिस नहीं हो पाए। जानकारी के अनुसार एक डायलिसिस मशीन को चलाने के लिए तीन केवी बिजली चाहिए। अस्पताल में स्थापित तीन डायलिसिस मशीन के लिए 10 केवी बिजली की जरूरत होती है। अक्सर लो वोल्टेज के कारण डायलिसिस मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है जिस कारण उनकी डायलिसिस नहीं हो पाती है। डायलिसिस के लिए आए तीन मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखनी चाहिए। डायलिसिस के लिए कड़ाके की ठंड में अस्पताल में पहुंचने के बाद भी लो वोल्टेज की परेशानी मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। पीएमएस डॉ. पीएस खोलिया ने बताया कि अस्पताल में जल्द ही 200 केवी का ट्रांसफार्मर लगने वाला है। उसके बाद इस तरह की दिक्कतें नहीं आएंगी। संवाद
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उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवतियों का नियमित पंजीकरण, मातृत्व सुरक्षा अभियान अंतर्गत नियमित जांच और आवश्यक परामर्श प्रदान करने के साथ ही संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, बाल पोषण सहित अन्य योजनाओं में लक्ष्यानुसार प्रगति लाने के निर्देश दिए।
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उन्होंने विशेष अभियान के तहत 25 जनवरी तक सभी लाभार्थियों के शत प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाकर लाभान्वित करने को कहा। डीएम ने स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव पर जोर देते हुए कहा कि प्रसव के दौरान प्रसूता और शिशु की सुरक्षा के लिए ही जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराने की योजना चलाई जा रही है।
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उन्होंने संस्थागत प्रसव में कम प्रगति वाले केंद्रों के जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ संजय कुमार सिंह, पीएमएस डॉ. पीएस खोलिया, एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडे, डॉ. सीएस भट्ट, डॉ मनजीत आदि उपस्थित रहे।
लो वोल्टेज से दूसरे दिन भी नहीं हुए डायलिसिस
चंपावत। जिला अस्पताल में लो वोल्टेज के कारण मंगलवार को दूसरे दिन भी डायलिसिस नहीं हो पाए। जानकारी के अनुसार एक डायलिसिस मशीन को चलाने के लिए तीन केवी बिजली चाहिए। अस्पताल में स्थापित तीन डायलिसिस मशीन के लिए 10 केवी बिजली की जरूरत होती है। अक्सर लो वोल्टेज के कारण डायलिसिस मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है जिस कारण उनकी डायलिसिस नहीं हो पाती है। डायलिसिस के लिए आए तीन मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखनी चाहिए। डायलिसिस के लिए कड़ाके की ठंड में अस्पताल में पहुंचने के बाद भी लो वोल्टेज की परेशानी मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। पीएमएस डॉ. पीएस खोलिया ने बताया कि अस्पताल में जल्द ही 200 केवी का ट्रांसफार्मर लगने वाला है। उसके बाद इस तरह की दिक्कतें नहीं आएंगी। संवाद