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बीडीओ के तबादले से भड़के बीडीसी सदस्य
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चंपावत के बीडीओ कमल किशोर पांडेय के स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग को लेकर डीएम नरेंद्र सिंह भ
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कमल किशोर पांडेय के स्थानांतरण का ग्राम प्रधान संगठन और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने विरोध किया है। उन्होंने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग की है।
बीडीओ का लोहाघाट स्थानांतरण हुआ है और लोहाघाट के बीडीओ कवींद्र सिंह रावत को चंपावत भेजा गया है। नवागत बीडीओ रावत ने चंपावत का चार्ज भी ले लिया है। ग्राम प्रधान संगठन जिलाध्यक्ष मनोज सिंह तड़ागी और बीडीसी सदस्य उमेश खर्कवाल ने कहा कि संगठन ईमानदार और साफ छवि वाले अधिकारी के स्थानांतरण से सरकार के भ्रष्टाचार के जीरो टोलरेंस पर संदेह हो रहा है।
इसके अलावा ग्राम प्रधान संगठन की जिला इकाई ने डीएम के जरिये और पूर्णागिरि ग्राम प्रधान संगठन ने टनकपुर के एसडीएम को ज्ञापन देकर स्थानांतरण का विरोध जताया है। ज्ञापन में बीडीसी सदस्य उमेश खर्कवाल, मनोज कुमार जोशी, दीपा शर्मा, विकास धामी, दीपा जोशी, राकेश बिष्ट, आशा चंद, ग्राम प्रधान हीरा देवी, गिरीश पालीवाल, हेमा चौधरी, हरीश चंद्र, नरी राम, मोहिनी चंद, आयशा खातून आदि के हस्ताक्षर हैं।
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तो क्या कार्यादेश को अनुमति नहीं देना पड़ा बीडीओ को भारी
चंपावत। तो क्या चंपावत के खंड विकास अधिकारी कमल किशोर पांडेय का स्थानांतरण कार्यादेश को अनुमति नहीं देना तो नहीं था। स्थानांतरण का विरोध कर रहे कई क्षेत्र पंचायत सदस्यों का तो यही आरोप है।
बीडीओ कमल किशोर पांडेय ने 9.98 लाख रुपये के चार कार्यादेश को सात अक्तूबर को खारिज कर दिया था। वर्ष 2021-22 के अंतर्गत चार कार्यों के लिए कार्यादेश प्रस्तावित किया गया था लेकिन ग्राम विकास अधिकारी और कनिष्ठ अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर बीडीओ ने कार्यादेश का अनुमोदन नहीं किया। रिपोर्ट में प्रस्तावित कार्य व्यक्तिगत भूमि पर होने के साथ ही पहले से ही होने की बात कही गई थी।
सात अक्तूबर को कार्यादेश खारिज होने के दस दिन बाद 17 अक्तूबर को स्थानांतरण आदेश जारी होने पर पंचायत प्रतिनिधि संदेह जता रहे हैं। वे इसके पीछे कार्यादेश निरस्त करने को वजह मान रहे हैं। वहीं डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी का कहना है कि दोनों बीडीओ का स्थानांतरण शासकीय और जनहित में किया गया है।
बीडीओ ने खारिज किया था इन कार्यादेशों को
- सार्वजनिक भूमि सुरक्षा दीवार निर्माण: 2.48 लाख रुपये।
- खर्ककार्की चौड़ासेठी में एसएसबी के पास सुरक्षा दीवार निर्माण: 2.50 लाख रुपये।
- चौड़ासेठी के मुख्य मार्ग के समीप सुरक्षा दीवार निर्माण: 2.50 लाख रुपये।
- खर्ककार्की के फसल सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य पेयजल स्रोत के पास: 2.50 लाख रुपये।
मैं उपार्जित अवकाश में हूं। अवकाश में जाने से पहले ब्लॉक के दूसरे अधिकारी को चार्ज दिया था। अवकाश खत्म होने पर 31 अक्तूबर को लोहाघाट कार्यभार ग्रहण करूंगा। मौका मुआयने के बाद प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर कार्यादेश खारिज किया गया था। कार्यादेश का स्थानांतरण से कोई संबंध नहीं है। -कमल किशोर पांडेय, स्थानांतरित बीडीओ, चंपावत।
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बीडीओ का लोहाघाट स्थानांतरण हुआ है और लोहाघाट के बीडीओ कवींद्र सिंह रावत को चंपावत भेजा गया है। नवागत बीडीओ रावत ने चंपावत का चार्ज भी ले लिया है। ग्राम प्रधान संगठन जिलाध्यक्ष मनोज सिंह तड़ागी और बीडीसी सदस्य उमेश खर्कवाल ने कहा कि संगठन ईमानदार और साफ छवि वाले अधिकारी के स्थानांतरण से सरकार के भ्रष्टाचार के जीरो टोलरेंस पर संदेह हो रहा है।
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इसके अलावा ग्राम प्रधान संगठन की जिला इकाई ने डीएम के जरिये और पूर्णागिरि ग्राम प्रधान संगठन ने टनकपुर के एसडीएम को ज्ञापन देकर स्थानांतरण का विरोध जताया है। ज्ञापन में बीडीसी सदस्य उमेश खर्कवाल, मनोज कुमार जोशी, दीपा शर्मा, विकास धामी, दीपा जोशी, राकेश बिष्ट, आशा चंद, ग्राम प्रधान हीरा देवी, गिरीश पालीवाल, हेमा चौधरी, हरीश चंद्र, नरी राम, मोहिनी चंद, आयशा खातून आदि के हस्ताक्षर हैं।
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तो क्या कार्यादेश को अनुमति नहीं देना पड़ा बीडीओ को भारी
चंपावत। तो क्या चंपावत के खंड विकास अधिकारी कमल किशोर पांडेय का स्थानांतरण कार्यादेश को अनुमति नहीं देना तो नहीं था। स्थानांतरण का विरोध कर रहे कई क्षेत्र पंचायत सदस्यों का तो यही आरोप है।
बीडीओ कमल किशोर पांडेय ने 9.98 लाख रुपये के चार कार्यादेश को सात अक्तूबर को खारिज कर दिया था। वर्ष 2021-22 के अंतर्गत चार कार्यों के लिए कार्यादेश प्रस्तावित किया गया था लेकिन ग्राम विकास अधिकारी और कनिष्ठ अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर बीडीओ ने कार्यादेश का अनुमोदन नहीं किया। रिपोर्ट में प्रस्तावित कार्य व्यक्तिगत भूमि पर होने के साथ ही पहले से ही होने की बात कही गई थी।
सात अक्तूबर को कार्यादेश खारिज होने के दस दिन बाद 17 अक्तूबर को स्थानांतरण आदेश जारी होने पर पंचायत प्रतिनिधि संदेह जता रहे हैं। वे इसके पीछे कार्यादेश निरस्त करने को वजह मान रहे हैं। वहीं डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी का कहना है कि दोनों बीडीओ का स्थानांतरण शासकीय और जनहित में किया गया है।
बीडीओ ने खारिज किया था इन कार्यादेशों को
- सार्वजनिक भूमि सुरक्षा दीवार निर्माण: 2.48 लाख रुपये।
- खर्ककार्की चौड़ासेठी में एसएसबी के पास सुरक्षा दीवार निर्माण: 2.50 लाख रुपये।
- चौड़ासेठी के मुख्य मार्ग के समीप सुरक्षा दीवार निर्माण: 2.50 लाख रुपये।
- खर्ककार्की के फसल सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य पेयजल स्रोत के पास: 2.50 लाख रुपये।
मैं उपार्जित अवकाश में हूं। अवकाश में जाने से पहले ब्लॉक के दूसरे अधिकारी को चार्ज दिया था। अवकाश खत्म होने पर 31 अक्तूबर को लोहाघाट कार्यभार ग्रहण करूंगा। मौका मुआयने के बाद प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर कार्यादेश खारिज किया गया था। कार्यादेश का स्थानांतरण से कोई संबंध नहीं है। -कमल किशोर पांडेय, स्थानांतरित बीडीओ, चंपावत।