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पूर्णागिरि मेले पर अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंध
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पूर्णागिरि मेले पर रोक को लेकर विचार-मंथन करते डीएम एसएन पांडेय, एडीएम टीएस मर्तोलिया, एसपी लोकेश
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर पूर्णागिरि मेले पर अनिश्चितकाल के लिए रोेक लगा दी है। इस अवधि में पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। जिला प्रशासन के फैसले पर राज्य सरकार ने मुहर लगाते हुए इस संबंध का आदेश जारी किया है। यह पहला मौका है जब पूणागिरि मेले पर रोक लगी है।
पूर्णागिरि मेला इस बार 11 मार्च से शुरू हुआ था लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए छह दिन बाद ही मेले पर रोक लगानी पड़ी है। सोमवार को जिलाधिकारी एसएन पांडेय, एडीएम टीएस मर्तोलिया और एसपी लोकेश्वर सिंह ने यहां पर्यटक आवास गृह में मंदिर समिति के पदाधिकारियों और अन्य के साथ बैठक में मेले को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद इसे राज्य सरकार को भेजा था। देर शाम सरकार ने मेले पर रोक के आदेश जारी कर दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि हालात को देखते हुए आगे क ा फैसला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले पर रोक की सूचना उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के जिलाधिकारियों और नेपाल सरकार को भी भेजी गई है। ताकि वहां से आने वाले श्रद्धालुओं को मेले में आने से रोका जा सके। श्रद्धालुओं को रोकने के लिए चंपावत जिले की सीमा पर भी बैरिकेडिंग लगाई जाएगी।
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बैठक में ये थे मौजूद
बैठक में जिलाधिकारी एसएन पांडेय, एसपी लोकेश्वर सिंह, एडीएम टीएस मर्तोलिया, मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम दयानंद सरस्वती, मेला अधिकारी एएमए राजेश कुमार, मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, विधायक प्रतिनिधि पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष हरीश भट्ट, गणेश सिंह बोहरा आदि मौजूद थे।
मंदिर समिति ने कहा-जन सुरक्षा सर्वोपरि
कोरोना वायरस के कारण पूर्णागिरि मेले पर लगी रोक पर मंदिर समिति जनहित में लिया गया उचित फैसला बताया है। समिति के अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि जन सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि कोरोना का संक्रमण देश पर बड़ा संकट है। सरकार को इससे निपटने के लिए हर जरूरी कदम उठाने चाहिए। मंदिर समिति जन सुरक्षा में लिए गए सरकार के इस फैसले से सहमत है। जन सुरक्षा के लिए पूर्णागिरि के साथ ही देश के कई अन्य धार्मिक स्थलों पर भी रोक का फैसला जनहित में लिया गया है।
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पूर्णागिरि मेला इस बार 11 मार्च से शुरू हुआ था लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए छह दिन बाद ही मेले पर रोक लगानी पड़ी है। सोमवार को जिलाधिकारी एसएन पांडेय, एडीएम टीएस मर्तोलिया और एसपी लोकेश्वर सिंह ने यहां पर्यटक आवास गृह में मंदिर समिति के पदाधिकारियों और अन्य के साथ बैठक में मेले को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद इसे राज्य सरकार को भेजा था। देर शाम सरकार ने मेले पर रोक के आदेश जारी कर दिए।
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जिलाधिकारी ने बताया कि हालात को देखते हुए आगे क ा फैसला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले पर रोक की सूचना उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के जिलाधिकारियों और नेपाल सरकार को भी भेजी गई है। ताकि वहां से आने वाले श्रद्धालुओं को मेले में आने से रोका जा सके। श्रद्धालुओं को रोकने के लिए चंपावत जिले की सीमा पर भी बैरिकेडिंग लगाई जाएगी।
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बैठक में ये थे मौजूद
बैठक में जिलाधिकारी एसएन पांडेय, एसपी लोकेश्वर सिंह, एडीएम टीएस मर्तोलिया, मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम दयानंद सरस्वती, मेला अधिकारी एएमए राजेश कुमार, मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, विधायक प्रतिनिधि पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष हरीश भट्ट, गणेश सिंह बोहरा आदि मौजूद थे।
मंदिर समिति ने कहा-जन सुरक्षा सर्वोपरि
कोरोना वायरस के कारण पूर्णागिरि मेले पर लगी रोक पर मंदिर समिति जनहित में लिया गया उचित फैसला बताया है। समिति के अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि जन सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि कोरोना का संक्रमण देश पर बड़ा संकट है। सरकार को इससे निपटने के लिए हर जरूरी कदम उठाने चाहिए। मंदिर समिति जन सुरक्षा में लिए गए सरकार के इस फैसले से सहमत है। जन सुरक्षा के लिए पूर्णागिरि के साथ ही देश के कई अन्य धार्मिक स्थलों पर भी रोक का फैसला जनहित में लिया गया है।