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बग्वाल मेले को राजकीय मेला घोषित किया जाए
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चंपावत। जिले के दो दिनी भ्रमण पर आए प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय को विभिन्न संगठनों की ओर से ज्ञापन सौंपे गए। पाटी ग्राम प्रधान संगठन ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को ज्ञापन सौंपकर बग्वाल मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने की मांग उठाई है।
ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह बिष्ट की अगुवाई में दिए गए ज्ञापन में देवीधुरा एलोपैथिक अस्पताल का उच्चीकरण किए जाने, देवीधुरा महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर नए विषय और एमए की कक्षाएं संचालित किए जाने, देवीधुरा में एसबीआई की शाखा और एटीएम लगाए जाने, जीआईसी देवीधुरा में वाणिज्य विषय खोलने और एनसीसी यूनिट की मंजूरी प्रदान किए जाने की मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है। ज्ञापन देने वालों में योगेश पचौली, शिव सिंह, गिरीश सिंह आदि ग्राम प्रधान शामिल रहे। उधर, डायट डीएलएड संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। प्रशिक्षित बेरोजगारों ने बताया कि 650 अभ्यर्थी एक राज्य स्तरीय परीक्षा पास करके डीएलएड करने के लिए उत्तीर्ण हुए। इसके बाद राज्य सरकार ने सरकारी डायटों से उन्हें दो साल का बीटीसी, डीएलएड कराया लेकिन जब नियुक्ति की बात आई तो सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। दिसंबर 2019 में वे सभी उनका दो वर्ष का प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं। इसके बाद दो साल बीतने को हैं, लेकिन नियुक्ति को लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं है। शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र सिंह, रितु, भावना, मोनिका, राजेन्द्र, विनोद, अनिल, उर्मिल, अंकुर, विजय व अन्य शामिल रहे।
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ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह बिष्ट की अगुवाई में दिए गए ज्ञापन में देवीधुरा एलोपैथिक अस्पताल का उच्चीकरण किए जाने, देवीधुरा महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर नए विषय और एमए की कक्षाएं संचालित किए जाने, देवीधुरा में एसबीआई की शाखा और एटीएम लगाए जाने, जीआईसी देवीधुरा में वाणिज्य विषय खोलने और एनसीसी यूनिट की मंजूरी प्रदान किए जाने की मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है। ज्ञापन देने वालों में योगेश पचौली, शिव सिंह, गिरीश सिंह आदि ग्राम प्रधान शामिल रहे। उधर, डायट डीएलएड संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। प्रशिक्षित बेरोजगारों ने बताया कि 650 अभ्यर्थी एक राज्य स्तरीय परीक्षा पास करके डीएलएड करने के लिए उत्तीर्ण हुए। इसके बाद राज्य सरकार ने सरकारी डायटों से उन्हें दो साल का बीटीसी, डीएलएड कराया लेकिन जब नियुक्ति की बात आई तो सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। दिसंबर 2019 में वे सभी उनका दो वर्ष का प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं। इसके बाद दो साल बीतने को हैं, लेकिन नियुक्ति को लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं है। शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र सिंह, रितु, भावना, मोनिका, राजेन्द्र, विनोद, अनिल, उर्मिल, अंकुर, विजय व अन्य शामिल रहे।
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