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चंपावत जिले की सीमा से लगे नेपाल में फंसे हैं 45 भारतीय
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टनकपुर (चंपावत)। सीमा सील होने से करीब 45 भारतीय नागरिक चंपावत जिले की सीमा से लगे नेपाल के सीमावर्ती महेंद्रनगर और ब्रह्मदेव क्षेत्र में में फंसे हैं, लेकिन उन्हें सीमा से लाने की कोई ठोस कोशिश नहीं हुई है। करीब दो माह से नेपाल में फंसे ये लोग स्वदेश लौटने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन उन्हें भारत लौटनेे की अनुमति नहीं मिल पाई है। प्रशासन का कहना है कि अधिकारियों से वार्ता चल रही है। जल्द ही नेपाल में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाया जाएगा।
भारत-नेपाल सीमा सील होने से दोनों देशों के कई लोग एक-दूसरे देश में फंसे हैं। भारत में फंसे नेपाली नागरिकों की संख्या के तुलना में नेपाल में फंसे भारतीयों की संख्या काफी कम है। ब्रह्मदेव नेपाल के थाना प्रभारी जीवन गुरुंग के मुताबिक चंपावत जिले से लगे नेपाल के महेंद्रनगर और ब्रह्मदेव क्षेत्र में करीब 45 भारतीय फंसे हैं। इनमें कुछ मजदूरी कर समय काट रहे हैं तो कुछ रिश्तेदारों के घरों मेें फंसे हैं जबकि मुस्लिम समुदाय के पांच भारतीय नागरिकों को क्वारंटीन में रखा गया है। महेंद्रनगर में फंसी डीडीहाट (पिथौरागढ़) की राशि भंडारी साह ने मैसेंजर पर भेजे संदेश में बताया कि वह और उसका पति नीरज साह दो माह से नेपाल में रिश्तेदारी में फंसे हैं। वे बाइक से तीन बार नेपाल से भारत लौटने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन सीमा से उन्हें लौटा दिया गया। 15 मई को भी वे ब्रह्मदेव सीमा पर पहुंचे तो एसएसबी ने अनुमति न होने की बात कह कर लौटा दिया। राशि ने बताया कि उनके पास अब रुपये भी खत्म हो चुके हैं। पति को जॉब की भी समस्या होने लगी है।
दूतावास के माध्यम सेे चल रही है वार्ता
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को भारत लाने को जिलाधिकारी के स्तर पर दूतावास के माध्यम से कार्रवाई चल रही है। अनुमति मिलते ही फंसे लोगों को लाने की कार्रवाई की जाएगी। - दयानंद सरस्वती, एसडीएम, टनकपुर।
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भाजपा जिलाध्यक्ष ने सीएम और प्रदेश अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी
भाजपा जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक ने मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेज कर नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने का आग्रह किया है। पाठक ने कहा है कि सीमा सील होने से कई भारतीय नागरिक नेपाल में फंसे हैं, जो लगातार अपने देश लौटने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने नेपाल सरकार से वार्ता कर फंसे भारतीय को जल्द से जल्द वापस लाकर घरों तक पहुंचाने का आग्रह किया है।
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भारत-नेपाल सीमा सील होने से दोनों देशों के कई लोग एक-दूसरे देश में फंसे हैं। भारत में फंसे नेपाली नागरिकों की संख्या के तुलना में नेपाल में फंसे भारतीयों की संख्या काफी कम है। ब्रह्मदेव नेपाल के थाना प्रभारी जीवन गुरुंग के मुताबिक चंपावत जिले से लगे नेपाल के महेंद्रनगर और ब्रह्मदेव क्षेत्र में करीब 45 भारतीय फंसे हैं। इनमें कुछ मजदूरी कर समय काट रहे हैं तो कुछ रिश्तेदारों के घरों मेें फंसे हैं जबकि मुस्लिम समुदाय के पांच भारतीय नागरिकों को क्वारंटीन में रखा गया है। महेंद्रनगर में फंसी डीडीहाट (पिथौरागढ़) की राशि भंडारी साह ने मैसेंजर पर भेजे संदेश में बताया कि वह और उसका पति नीरज साह दो माह से नेपाल में रिश्तेदारी में फंसे हैं। वे बाइक से तीन बार नेपाल से भारत लौटने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन सीमा से उन्हें लौटा दिया गया। 15 मई को भी वे ब्रह्मदेव सीमा पर पहुंचे तो एसएसबी ने अनुमति न होने की बात कह कर लौटा दिया। राशि ने बताया कि उनके पास अब रुपये भी खत्म हो चुके हैं। पति को जॉब की भी समस्या होने लगी है।
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दूतावास के माध्यम सेे चल रही है वार्ता
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को भारत लाने को जिलाधिकारी के स्तर पर दूतावास के माध्यम से कार्रवाई चल रही है। अनुमति मिलते ही फंसे लोगों को लाने की कार्रवाई की जाएगी। - दयानंद सरस्वती, एसडीएम, टनकपुर।
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भाजपा जिलाध्यक्ष ने सीएम और प्रदेश अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी
भाजपा जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक ने मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेज कर नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने का आग्रह किया है। पाठक ने कहा है कि सीमा सील होने से कई भारतीय नागरिक नेपाल में फंसे हैं, जो लगातार अपने देश लौटने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने नेपाल सरकार से वार्ता कर फंसे भारतीय को जल्द से जल्द वापस लाकर घरों तक पहुंचाने का आग्रह किया है।