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शौचालय में जन्मा नवजात, नहीं बची जान
ब्यूरो /अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 18 Jul 2015 10:38 PM IST
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यहां एक महिला ने शौचालय में शिशु को जन्म दिया, लेकिन कमजोरी की वजह से इस नवजात शिशु की जान नहीं बच सकी। जन्म के करीब पांच घंटे बाद उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक शिशु प्री-मैच्योर था।
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तलियाबांज गांव की ममता पत्नी संजय जोशी तबियत बिगड़ने पर शुक्रवार शाम जिला अस्पताल पहुंची। डा.राशि भटनागर द्वारा परीक्षण के बाद किए गए इलाज से महिला की हालत सामान्य हुई। महिला को अस्पताल में ही रुकने की सलाह दी गई, लेकिन अस्पताल के बजाय ममता अपनी परिचित आशा जोशी के घर चली गई, जहां शुक्रवार रात शौचालय में उसने शिशु को जन्म दे दिया। परिजन नवजात को फौरन जिला अस्पताल ले गए।
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इमरजेंसी में तैनात डा.प्रदीप बिष्ट ने शिशु का परीक्षण किया। शिशु के फेफड़े ठीक ढंग से काम नहीं कर रहे थे और नब्ज भी बेहद धीमी थी। डा.बिष्ट ने बताया कि शिशु का जन्म 7 महीने से भी कम समय में हुआ, जिस वजह से शिशु बेहद कमजोर था। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के नहीं होने से शिशु को लोहाघाट रेफर कर दिया गया। लोहाघाट की न्यू बोर्न सेफ्टी यूनिट में भी शिशु की सेहत में सुधार नहीं हुआ तो शिशु को हल्द्वानी रेफर किया गया, लेकिन लोहाघाट से हल्द्वानी जाते वक्त चंपावत में शिशु की मौत हो गई।
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