{"_id":"baa200283d17ff6a3f87f3392e3e8e25","slug":"ayush-doctors-the-right-to-give-allopathic-medicine-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुष डॉक्टरों को दें एलोपैथिक मेडिसन का अधिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष डॉक्टरों को दें एलोपैथिक मेडिसन का अधिकार
अमर उजाला/ब्यूरो/ चंपावत।
Updated Thu, 10 Dec 2015 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयुष डॉक्टरों के शिष्टमंडल ने सीएम से मुलाकात कर राज्य में आयुष डॉक्टरों को भी एलोपैथिक मेडिसन का कानूनी अधिकार दिए जाने और राज्य में यूनानी मेडिकल कॉलेज खोले जाने की मांग उठाई है। कहा है कि आयुष डॉक्टरों को अधिकार दिए जाने से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
विज्ञापन
8 दिसंबर को देहरादून में सीएम से मिलकर आयुष डॉक्टरों ने ज्ञापन देकर कहा कि डॉक्टर उत्तराखंड में पंजीकृत हैं। सीसीआईएम के पाठ्यक्रम के अनुसार संबंधित विषयों के साथ माडर्न विषयों को ज्ञान भी प्राप्त करते हैं। इनकी इंटर्नशिप जिला अस्पतालों में होती है और ये पांच वर्ष छह माह की डिग्री प्राप्त करते हैं। आयुष चिकित्सक को माडर्न मेडिसिन का अधिकार (इमरजेंसी मेडिसन) के तौर पर दिया जाए तो राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने में मदद मिलेगी। कहा कि उत्तर प्रदेश में सरकार आयुष डॉक्टरों को यह अधिकार दे चुकी है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र और अन्य कई राज्यों में भी यह व्यवस्था लागू है। शिष्टमंडल में शामिल आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. एम शाहिद ने बताया कि सीएम ने प्रमुख सचिव से फोन पर बात कर इस उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करने को कहा है। शिष्टमंडल में डॉ. मो. असलम जैदी, डॉ. फैसुद्दीन, डॉ. जमसेद आलम, डॉ. मो. आमीर, डॉ. अनिस उर्रहमान, डॉ. वसीम अहमद, डॉ. मोबीन अहमद खान, डॉ. हसीब, डॉ.परवेज आलम अंसारी आदि शामिल थे।
विज्ञापन