पाटी (चंपावत)। आशा फैसिलिटेटरों ने उनके साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाने के साथ उन्हें 24 हजार रुपये मासिक मानदेय देने की मांग की है। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
आशा फैसिलिटेटर जानकी गहतोड़ी, नीमा गहतोड़ी, गीता देवी, मंजू जोशी की ओर से एसडीएम शिप्रा जोशी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि आशा वर्कर्स और आशा फैसिलिटेटर दोनों अलग अलग पद हैं। आशा फैसिलिटेटरों के अधिक कार्य करने के बावजूद उन्हें प्रोत्साहन राशि मात्र एक हजार रुपये और 20 दिन की मोबिलिटी के 300 रुपये प्रति मोबिलिटी के हिसाब से भुगतान किया जाता है। जबकि उनके अधीन आने वाली आशा वर्कर्स को उनसे अधिक भुगतान किया जाता है। उन्होंने आशा फैसिलिटेटरों को राज्य कर्मचारी घोषित करते हुए न्यूनतन 24 हजार रुपये मासिक मानदेय देने, जब तक उन्हें मानदेय नहीं मिलता तब तक प्रोत्साहन राशि को दोगुना करने, उन्हें प्रति विजिट प्रतिदिन 500 रुपये का भुगतान करने की मांग की है।