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मडलक में खुलेगा जिले का ग्यारहवां एसएडी
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लोहाघाट ब्लॉक के मडलक के लोगों के लिए अच्छी खबर है। 2020 में नेपाल सीमा से लगे मडलक क्षेत्र ने बेहतर चिकित्सा सुविधा की ओर एक कदम बढ़ाया है।
एलोपैथिक इलाज की सुविधा के लिए यहां स्वास्थ्य विभाग ने एसएडी (राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी) प्रस्तावित की है। इसका प्रस्ताव भेज दिया गया है। साथ ही भवन निर्माण के लिए भूमि की तलाश शुरू की जा रही है। ग्रामीण निशुल्क जमीन देने को भी तैयार हैं।
सीमांत मडलक क्षेत्र की 11 हजार से अधिक की आबादी के लिए इलाज की कोई सुविधा नहीं है। यहां के लोग मामूली परेशानी में भी लंबी दूरी तय कर पुलहिंडोला, लोहाघाट या चंपावत की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। अब इस स्थिति में बदलाव आ सकता है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि मडलक में एसएडी प्रस्तावित किया गया है। प्रस्ताव स्वास्थ्य महानिदेशालय भेजा गया है। साथ ही आबादी के नजदीक की जमीन की तलाश की जा रही है। प्रस्तावित एसएडी में एक डॉक्टर, फार्मेसिस्ट, वार्ड ब्वॉय व स्वच्छक के पद सृजित होंगे।
ग्राम प्रधान भुवन भट्ट, गणेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण अस्पताल के लिए निशुल्क जमीन देने को भी तैयार हैं। बहादुर चंद, रमेश चंद, ललित पांडेय, दीपा देवी आदि ने कहा कि एसएडी खुलने से मडलक, बगोटी, लेटी, सुंगरखाल, जमरसौ, मंझपीपल, चामा, गुरैली, सुनकुरी, सेल्ला, कैलानी, सागर, बड़म, कनटुकरा जैसे दूरस्थ गांवों के लोगों को लाभ होगा।
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इस वक्त जिले में हैं ये दस एसएडी:
देवीधुरा, खेतीखान, रेगड़ू, इजड़ा, चौमेल, चल्थी, स्वांला, धौन, सिप्टी व टांण।
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एलोपैथिक इलाज की सुविधा के लिए यहां स्वास्थ्य विभाग ने एसएडी (राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी) प्रस्तावित की है। इसका प्रस्ताव भेज दिया गया है। साथ ही भवन निर्माण के लिए भूमि की तलाश शुरू की जा रही है। ग्रामीण निशुल्क जमीन देने को भी तैयार हैं।
सीमांत मडलक क्षेत्र की 11 हजार से अधिक की आबादी के लिए इलाज की कोई सुविधा नहीं है। यहां के लोग मामूली परेशानी में भी लंबी दूरी तय कर पुलहिंडोला, लोहाघाट या चंपावत की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। अब इस स्थिति में बदलाव आ सकता है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि मडलक में एसएडी प्रस्तावित किया गया है। प्रस्ताव स्वास्थ्य महानिदेशालय भेजा गया है। साथ ही आबादी के नजदीक की जमीन की तलाश की जा रही है। प्रस्तावित एसएडी में एक डॉक्टर, फार्मेसिस्ट, वार्ड ब्वॉय व स्वच्छक के पद सृजित होंगे।
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ग्राम प्रधान भुवन भट्ट, गणेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण अस्पताल के लिए निशुल्क जमीन देने को भी तैयार हैं। बहादुर चंद, रमेश चंद, ललित पांडेय, दीपा देवी आदि ने कहा कि एसएडी खुलने से मडलक, बगोटी, लेटी, सुंगरखाल, जमरसौ, मंझपीपल, चामा, गुरैली, सुनकुरी, सेल्ला, कैलानी, सागर, बड़म, कनटुकरा जैसे दूरस्थ गांवों के लोगों को लाभ होगा।
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इस वक्त जिले में हैं ये दस एसएडी:
देवीधुरा, खेतीखान, रेगड़ू, इजड़ा, चौमेल, चल्थी, स्वांला, धौन, सिप्टी व टांण।