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भागवत कथा के बहाने वन भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो बनबसा
Updated Fri, 12 May 2017 10:47 PM IST
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वन भूमि पर होता अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
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अब धार्मिक अनुष्ठान कराकर वनभूमि कब्जाने का प्रयास किया जा रहा है। चार बार वन कर्मियों द्वारा एक बाबा का झाला तोड़ने के बाद सत्ताधारियों द्वारा पांचवीं बार वहां झाला बना लिया गया। वन भूमि पर कब्जा करने को बृहस्पतिवार से बाबा के झाले के पास भागवत कथा का आयोजन शुरू कर दिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन भूमि पर भागवत कथा के आयोजन की अनुमति भी नहीं ली गई है।
वन चौकी के पास स्थित वन विभाग के कंपार्टमेंट संख्या 11 और 12 के मध्य पिछले वर्ष किसी ने एक मंदिर बनाने के बाद इस वर्ष फरवरी में झाला बनाकर वहां एक बाबा को ठहराया था। अमर उजाला के 20 मार्च के अंक में अतिक्रमण को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए वन विभाग कर्मियों ने झाला हटा दिया था, लेकिन वहां फिर से तीन बार झाला बनाया गया, जिसे वन कर्मियों ने हटाया था। इधर, एक पखवाड़े में फिर से वहां झाला बनाकर बाबा के अलावा कुछ अन्य लोगों को ठहराया गया है। बीते दिवस बृहस्पतिवार से वहां कुछ लोगों द्वारा भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि धर्म और मंदिर की आड़ में लोगों द्वारा वन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास हो रहा है। अगर प्रशासन ने शीघ्र कठोर कदम नहीं उठाया तो वहां लाइन पार की तरह अवैध कब्जों का गढ़ बन जाएगा। पूर्वी तराई वन प्रभाग खटीमा के रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल ने वन कर्मियों को जांच के आदेश देते हुए बाबा का झाला हटाने को कहा है। कहा कि बाबा को ठहराने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
बाबा की भी जांच हो
बनबसा (चंपावत)। पूर्व सैनिक कल्याण समिति अध्यक्ष कै.भानी चंद, कृषि मंडी उत्पादक परिषद उपाध्यक्ष जसवंत सिंह बसेड़ा, कांग्रेसी महेश चंद, रमेश चंद, कपिल भार्गव, गजेंद्र सामंत, राजेंद्र नाथ, विकेश यादव, भूपेंद्र चंद आदि ने प्रशासन से वन भूमि पर किए जा रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। उन्होंने बाहर से आए बाबा की भी गंभीरता से जांच कराने के अलावा पुलिस सत्यापन कराने की मांग की है। बाबा को शरण देने और उसे ठहराने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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वन चौकी के पास स्थित वन विभाग के कंपार्टमेंट संख्या 11 और 12 के मध्य पिछले वर्ष किसी ने एक मंदिर बनाने के बाद इस वर्ष फरवरी में झाला बनाकर वहां एक बाबा को ठहराया था। अमर उजाला के 20 मार्च के अंक में अतिक्रमण को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए वन विभाग कर्मियों ने झाला हटा दिया था, लेकिन वहां फिर से तीन बार झाला बनाया गया, जिसे वन कर्मियों ने हटाया था। इधर, एक पखवाड़े में फिर से वहां झाला बनाकर बाबा के अलावा कुछ अन्य लोगों को ठहराया गया है। बीते दिवस बृहस्पतिवार से वहां कुछ लोगों द्वारा भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि धर्म और मंदिर की आड़ में लोगों द्वारा वन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास हो रहा है। अगर प्रशासन ने शीघ्र कठोर कदम नहीं उठाया तो वहां लाइन पार की तरह अवैध कब्जों का गढ़ बन जाएगा। पूर्वी तराई वन प्रभाग खटीमा के रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल ने वन कर्मियों को जांच के आदेश देते हुए बाबा का झाला हटाने को कहा है। कहा कि बाबा को ठहराने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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बाबा की भी जांच हो
बनबसा (चंपावत)। पूर्व सैनिक कल्याण समिति अध्यक्ष कै.भानी चंद, कृषि मंडी उत्पादक परिषद उपाध्यक्ष जसवंत सिंह बसेड़ा, कांग्रेसी महेश चंद, रमेश चंद, कपिल भार्गव, गजेंद्र सामंत, राजेंद्र नाथ, विकेश यादव, भूपेंद्र चंद आदि ने प्रशासन से वन भूमि पर किए जा रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। उन्होंने बाहर से आए बाबा की भी गंभीरता से जांच कराने के अलावा पुलिस सत्यापन कराने की मांग की है। बाबा को शरण देने और उसे ठहराने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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