एक हजार की आबादी को उजाले का इंतजार
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लधिया घाटी की मंगललेख ग्राम पंचायत विद्युतीकृत पंचायत में शामिल है, मगर इस गांव के अधिकांश तोकों के लोग अंधेरे में रात काट रहे हैं। बिजली का इंतजार कर रहे यहां के रहवासी कई बार इसे लेकर विभिन्न मंचों पर आवाज उठा चुके हैं। लेकिन उनकी मेहनत किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। अब ग्रामीणों ने जल्द इन तोकों के विद्युतीकृत नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगललेख ग्राम पंचायत में सल्यानी, बोराबगड़, उसकोड़ा, हिंग्वाल तोक अंधेरे में हैं। मंगललेख में तो लाइट हैं, मगर पास के ही इन तोकों का विद्युतीकरण नहीं हो सका। यहां न कभी बिजली के पोल लगे, न तार बिछे। इन तोकों की करीब एक हजार की आबादी की हर रात अंधेरे में कट रही है। बिजली नहीं होने की मार यहां के स्कूली बच्चों से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। सल्यानी तोक निवासी ग्राम प्रधान मीना देवी और बोराबगड़ तोक की रहने वालीं क्षेत्र पंचायत सदस्य माया देवी का कहना है कि बिजली नहीं होने से इन इलाकों का विकास ही नहीं, भविष्य भी प्रभावित हो रहा है।
क्षेत्र पंचायत की बैठक से लेकर तमाम मंचों पर मामले को उठाने के बावजूद विभाग के कान में जूं नहीं रेंग रही है। उन्होंने पीएलवी हयात राम के माध्यम से भी समाधान की मांग की। अब इन प्रतिनिधियों ने एक माह के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर बिजली विभाग का कहना है कि इन तोकों के विद्युतीकरण के लिए पहल की जा रही है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।