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Champawat News: जंगल से भटककर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचा काकड़, रेस्क्यू किया
Wed, 29 Apr 2026 11:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 29 Apr 2026 11:22 PM IST
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नगर क्षेत्र में भटककर आए हिरण के शावक को रेस्कयू करते विभागीय कर्मी। स्रोत : स्वयं
चंपावत। नगर क्षेत्र में एक काकड़ भटकते हुए जंगल आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। सूचना के बाद वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह काकड़ को पकड़ा और उसे रेस्क्यू किया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9:45 बजे एक काकड़ जंगल से भटकते हुए सभासद पूजा वर्मा के घर के बाहर खेतों में घूमता दिखाई दिया। वह बार-बार छलांग लगा कर जंगल की तरफ जाने का प्रयास करता रहा लेकिन चारों तरफ फेंसिंग होने के चलते वह जा नहीं सका। उसने ऐसा कर अपने को चोटिल भी कर लिया। सभासद के पति पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सनी वर्मा ने जब उसे देखा तो तुरंत ही वन विभाग को सूचित किया।
डिप्टी रेंजर चतुर सिंह के नेतृत्व में बीट अधिकारी बलवंत सिंह भंडारी, श्रमिक दिनेश भट्ट, चालक संतोष सिंह मौके पर जरूरी उपकरण लेकर पहुंच गए। टीम ने उसे हाथों से ही पकड़ कर रेस्क्यू किया। एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि काकड़ करीब एक साल का है। हो सकता है यह अपनी मां के साथ आया होगा और बिछड़ गया होगा। उसका इलाज पशुपालन विभाग के चिकित्सकों ने कर दिया है। इलाज के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है। संवाद
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जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9:45 बजे एक काकड़ जंगल से भटकते हुए सभासद पूजा वर्मा के घर के बाहर खेतों में घूमता दिखाई दिया। वह बार-बार छलांग लगा कर जंगल की तरफ जाने का प्रयास करता रहा लेकिन चारों तरफ फेंसिंग होने के चलते वह जा नहीं सका। उसने ऐसा कर अपने को चोटिल भी कर लिया। सभासद के पति पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सनी वर्मा ने जब उसे देखा तो तुरंत ही वन विभाग को सूचित किया।
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डिप्टी रेंजर चतुर सिंह के नेतृत्व में बीट अधिकारी बलवंत सिंह भंडारी, श्रमिक दिनेश भट्ट, चालक संतोष सिंह मौके पर जरूरी उपकरण लेकर पहुंच गए। टीम ने उसे हाथों से ही पकड़ कर रेस्क्यू किया। एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि काकड़ करीब एक साल का है। हो सकता है यह अपनी मां के साथ आया होगा और बिछड़ गया होगा। उसका इलाज पशुपालन विभाग के चिकित्सकों ने कर दिया है। इलाज के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है। संवाद
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