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Champawat News: डेंजर जोन स्वाला के मलबे को रोकेगी 35 मीटर ऊंची दीवार

Thu, 22 Jan 2026 10:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Thu, 22 Jan 2026 10:26 PM IST
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A 35-meter-high wall will block the debris from the danger zone of Swala.
चंपावत-टनकपुर एनएच पर डेंजर जोन पर पहाड़ी के ऊपरी हिस्से बनी सात फिट की सुरक्षा दीवार। संवाद
चंपावत। टनकपुर-चंपावत एनएच पर डेंजर जोन स्वाला के मलबे को 35 मीटर ऊंची दीवार रोकेगी। करीब 21 करोड़ों से डेंजर जोन पर पहाड़ी क्षेत्र और सड़क के नीचे सुरक्षात्मक कार्य किया जा रहा है। पहाड़ी के नीचे हिस्से पर काम होने के बाद के बाद मजबूत और सुरक्षित यातायात होगा। संवाद न्यूज की टीम ने दशकों से सिरदर्द रहे डेंजर जोन पर चल रहे कार्य की पड़ताल की।
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मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायज लिया। स्वाला डेंजर जोन पर सड़क के ऊपरी हिस्से पर एक मजबूत दीवार बना दी गई है। इसके बाद पांच-पांच मीटर की जगह छोड़ कर पहाड़ी की तरफ सात-सात मीटर की दीवार बनाई है। इसी तरह चार सात-सात मीटर की दीवारें बनाई जाएंगी। सड़क के नीचे की तरफ तीन लेयर में दीवार बनेगी। सबसे पहले 10.30 मीटर की दीवार बन रही है। उसके बाद दो दीवारें छह-छह मीटर की दीवार बनाई जाएंगी। काम होने के बाद यहां पर एक बार में दो वाहन एक साथ गुजर सकेंगे।
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एनएच के ईई दीपक जोशी ने बताया मार्च तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। सड़क के नीचे वाले हिस्से में करीब नौ करोड़ और पहाड़ी वाले हिस्से में 12 करोड़ की लागत से किया जा रहा है।
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जल स्रोत का किया समाधान
एनएच पर डेंजर जोन स्वाला की पहाड़ी पर स्थित पेयजल स्रोत का भी समाधान कर लिया है।पानी निकासी के लिए नाली बनाई गई है। पेयजल स्रोत के पानी के लिए जगह बनाकर सीधे नाली में डाला जाएगा। इससे पहाड़ी और सड़क के निचले हिस्से को कोई नुकसान नहीं होगा।
हर बार अलग रही स्थिति
डेंजर जोन के कारण हर बार स्थिति अलग रही। वर्ष 2024 में पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर करते रहे। सुरक्षात्मक कार्य भी होते रहे। किसी तरह यातायात सुचारु किया गया। हालांकि पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण कई वाहनों को नुकसान भी पहुंचा। वर्ष 2025 में पानी के कारण पहाड़ी से बोल्डर और गारा लगातार सड़क पर गिरने से सड़क धंस गई और सड़क के नीचे का हिस्सा भी कमजोर हो गया
कोट
एनएच पर स्वाला डेंजर जोन हमेशा से ही सिरदर्द बना रहा। यह पिथौरागढ़, आदि कैलाश जाने का मुख्य मार्ग है। डेंजर जोन बारिश के दौरान बंद होने के चलते पिथौरागढ़ के लोगों के लिए हल्द्वानी, टनकपुर तक जाना बेहद मुश्किल हो गया था। - कार्तिक जोशी, पिथौरागढ़

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डेंजर जोन स्वाला के चलते पिथौरागढ़ और चंपावत के कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा था। दोनों जिलों में मैदान से ही अधिकांश सामान आता है। ऐसे में डेंजर जोन के चलते काफी नुकसान हुआ था। - विकास साह, व्यापार संघ अध्यक्ष, चंपावत।
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