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जंगलों की हिफाजत को लामबंद होंगे सरपंच
Champawat
Updated Sat, 11 Oct 2014 05:34 AM IST
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चंपावत। वन पंचायत सरपंच संगठन वन पंचायतों के जंगलों की सुरक्षा के साथ उसे रोजगार से जोड़ने की पहल करेगा। छतकोट के सरपंच दीपक सिंह बोहरा ने कहा कि पंचायती वनों की सुरक्षा में संसाधनों की कमी सबसे बड़ी बाधा है। पंचायतों की आय को बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
सरपंच ने कहा कि अधिकांश वन पंचायतों में जंगलों की हिफाजत के लिए चौकीदार नहीं हैं। ऐसे में जंगल को बचाने के लिए आम सहभागिता जरूरी है। रिंगाल, बांस, घासरोपण करने के साथ जंगल को ग्रामीण रोजगार से जोड़ने के लिए योजना बनाई जाएगी। लोगों को प्रेरित करने, जंगल को बचाने के लिए देवी को अर्पित करने की परंपरा को बढ़ावा दिया जाएगा। वन पंचायत में वनीकरण, नर्सरी का विस्तार, जंगल की सुरक्षा के लिए चौकीदारों की तैनाती समेत दावाग्नि से बचाव को कदम उठाए जाएंगे। वन पंचायत सरपंच यूनियन को मजबूत कर वन पंचायत के सुदृढ़ीकरण, राज्य स्तर पर संगठन को ताकत देने के लिए सामूहिक कदम उठाने की बात कही गई। इसके लिए वन पंचायत सरपंच संगठन 13 अक्तूबर से डीएम से मुलाकात करेगा।
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सरपंच ने कहा कि अधिकांश वन पंचायतों में जंगलों की हिफाजत के लिए चौकीदार नहीं हैं। ऐसे में जंगल को बचाने के लिए आम सहभागिता जरूरी है। रिंगाल, बांस, घासरोपण करने के साथ जंगल को ग्रामीण रोजगार से जोड़ने के लिए योजना बनाई जाएगी। लोगों को प्रेरित करने, जंगल को बचाने के लिए देवी को अर्पित करने की परंपरा को बढ़ावा दिया जाएगा। वन पंचायत में वनीकरण, नर्सरी का विस्तार, जंगल की सुरक्षा के लिए चौकीदारों की तैनाती समेत दावाग्नि से बचाव को कदम उठाए जाएंगे। वन पंचायत सरपंच यूनियन को मजबूत कर वन पंचायत के सुदृढ़ीकरण, राज्य स्तर पर संगठन को ताकत देने के लिए सामूहिक कदम उठाने की बात कही गई। इसके लिए वन पंचायत सरपंच संगठन 13 अक्तूबर से डीएम से मुलाकात करेगा।
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