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हाईवे से हटेंगी शराब की दुकानें!
Champawat
Updated Wed, 20 Aug 2014 05:30 AM IST
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चंपावत। नेशनल और स्टेट हाइवे किनारे खुली देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों को अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा। आबकारी आयुक्त ने सभी जिला आबकारी अधिकारियों से हाइवे किनारे खोली गई शराब की दुकानों का ब्योरा मांगा है।
सर्वोच्च न्यायालय ने रोड साइड सेफ्टी कंट्रोल एक्ट का सख्ती से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने हाइवे किनारे शराब की दुकानों को गलत बताया था। कोर्ट के आदेश के बाद आबकारी विभाग हरकत में आया है। उत्तराखंड आबकारी आयुक्त ने हाइवे से लगी दुकानों की जानकारी मांगी है। आबकारी विभाग के मुताबिक चंपावत जिले में 15 में से बनबसा, बृजनगर, सिन्याड़ी, चंपावत, लोहाघाट की आठ दुकानें राष्ट्रीय राजमार्ग और पाटी की एक दुकान राज्य राजमार्ग पर है। परिवहन विभाग का मानना है कि रोड से लगी शराब की दुकानें होने से वाहन चालकों के भी शराब पीकर वाहन चलाने के खतरे बढ़ जाते हैं। वहीं आबकारी विभाग का कहना है कि एप्रोच में दुकान होने से शराब की बिक्री बढ़ाने में मदद मिलती है। शराब से मौजूदा वित्त वर्ष में 29 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व सिर्फ व्यवस्थापन और लाइसेंस शुल्क से मिल रहा है।
कोट
मुख्यालय से राज्य और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित शराब की दुकानों की जानकारी मांगी गई है। सूचनाएं भेजी जा चुकी है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -एमएस बिष्ट, प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी, चंपावत
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सर्वोच्च न्यायालय ने रोड साइड सेफ्टी कंट्रोल एक्ट का सख्ती से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने हाइवे किनारे शराब की दुकानों को गलत बताया था। कोर्ट के आदेश के बाद आबकारी विभाग हरकत में आया है। उत्तराखंड आबकारी आयुक्त ने हाइवे से लगी दुकानों की जानकारी मांगी है। आबकारी विभाग के मुताबिक चंपावत जिले में 15 में से बनबसा, बृजनगर, सिन्याड़ी, चंपावत, लोहाघाट की आठ दुकानें राष्ट्रीय राजमार्ग और पाटी की एक दुकान राज्य राजमार्ग पर है। परिवहन विभाग का मानना है कि रोड से लगी शराब की दुकानें होने से वाहन चालकों के भी शराब पीकर वाहन चलाने के खतरे बढ़ जाते हैं। वहीं आबकारी विभाग का कहना है कि एप्रोच में दुकान होने से शराब की बिक्री बढ़ाने में मदद मिलती है। शराब से मौजूदा वित्त वर्ष में 29 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व सिर्फ व्यवस्थापन और लाइसेंस शुल्क से मिल रहा है।
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मुख्यालय से राज्य और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित शराब की दुकानों की जानकारी मांगी गई है। सूचनाएं भेजी जा चुकी है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -एमएस बिष्ट, प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी, चंपावत
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