{"_id":"115-44086","slug":"Champawat-44086-115","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क को चौड़ा करने के लिए सर्वे शुरू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क को चौड़ा करने के लिए सर्वे शुरू
Champawat
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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चंपावत। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने चंपावत नगर क्षेत्र में नेशनल हाइवे को मानक के अनुसार चौड़ा करने के लिए एक बार फिर से सर्वे शुरू कर दिया है। बीआरओ की ओर से अचानक उठाए जा रहे इन कदमों से भवन स्वामियों में हड़कंप है। इस समय बीआरओ मानक के अनुसार अतिक्रमण के दायरे में आ रहे भवनों का चिह्नीकरण कर रहा है। बाद में ऐसे भवन स्वामियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पहले भी कई बार सड़क को चौड़ा करने के लिए कई बार सर्वे हो चुका है।
बीआरओ ने मुख्य सड़क के ठीक मध्य से दोनों तरफ 12-12 मीटर की चौड़ाई निर्धारित करने का निर्णय लिया है। इसी के लिए यह सर्वे हो रहा है। इस परिधि में जितने भी भवन आ रहे हैं उन सभी का चिह्नीकरण कर दिया गया है। बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि टनकपुर से धौन तक सड़क इसी मानक के अनुसार चौड़ी की जा चुकी है। अब चंपावत नगर क्षेत्र में सड़क को चौड़ा करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। चंपावत नगर क्षेत्र में हाल के वर्षों में सड़क के किनारे तेजी से भवनों का निर्माण हुआ है। कुछ स्थानों पर तो सड़क छह मीटर भी चौड़ी नहीं रह गई है। यदि बीआरओ सख्ती से कदम उठाता है तो कई भवन अतिक्रमण के दायरे में आ जाएंगे। बीआरओ के अवर अभियंता अक्षय जमदग्नि ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। उसके बाद जो भी कदम उठाना होगा, उच्चाधिकारी ही उठाएंगे।
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बीआरओ ने मुख्य सड़क के ठीक मध्य से दोनों तरफ 12-12 मीटर की चौड़ाई निर्धारित करने का निर्णय लिया है। इसी के लिए यह सर्वे हो रहा है। इस परिधि में जितने भी भवन आ रहे हैं उन सभी का चिह्नीकरण कर दिया गया है। बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि टनकपुर से धौन तक सड़क इसी मानक के अनुसार चौड़ी की जा चुकी है। अब चंपावत नगर क्षेत्र में सड़क को चौड़ा करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। चंपावत नगर क्षेत्र में हाल के वर्षों में सड़क के किनारे तेजी से भवनों का निर्माण हुआ है। कुछ स्थानों पर तो सड़क छह मीटर भी चौड़ी नहीं रह गई है। यदि बीआरओ सख्ती से कदम उठाता है तो कई भवन अतिक्रमण के दायरे में आ जाएंगे। बीआरओ के अवर अभियंता अक्षय जमदग्नि ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। उसके बाद जो भी कदम उठाना होगा, उच्चाधिकारी ही उठाएंगे।
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