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कैग के उठाए सवाल को विभाग ने खारिज किया
Updated Fri, 21 Sep 2018 10:25 PM IST
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चंपावत। जिले के चंपावत-खेतीखान मार्ग के डामरीकरण में 80 लाख रुपये की नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) की ओर से उजागर की गई धांधली को लोक निर्माण विभाग ने सिरे से नकारा है।
लोनिवि के चंपावत डिविजन के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट का कहना है कि इस सड़क पर किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है, बल्कि सड़क की 13.94 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 35 लाख रुपये कम में निर्माण हुआ है। उनका कहना है कि 30 किमी लंबी इस पुरानी सड़क के 2015 में हुए डामरीकरण में गुणवत्ता कई बार हुए परीक्षण में भी ठीक रही है।
पूर्व में हुए ऑडिट में विभाग द्वारा भेजे गए जवाब से शासन भी संतुष्ट रहा। पुरानी सड़क पर हॉटमिक्स में लेवलिंग के चलते अलग-अलग जगह मोटाई आना स्वाभाविक है। साथ ही मोड़ पर चौड़ाई भी बढ़ी है।
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लोनिवि के चंपावत डिविजन के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट का कहना है कि इस सड़क पर किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है, बल्कि सड़क की 13.94 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 35 लाख रुपये कम में निर्माण हुआ है। उनका कहना है कि 30 किमी लंबी इस पुरानी सड़क के 2015 में हुए डामरीकरण में गुणवत्ता कई बार हुए परीक्षण में भी ठीक रही है।
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पूर्व में हुए ऑडिट में विभाग द्वारा भेजे गए जवाब से शासन भी संतुष्ट रहा। पुरानी सड़क पर हॉटमिक्स में लेवलिंग के चलते अलग-अलग जगह मोटाई आना स्वाभाविक है। साथ ही मोड़ पर चौड़ाई भी बढ़ी है।
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