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खेतीखान आईटीआई भवन को रिलीज हुए 50 लाख
Updated Fri, 29 Jun 2018 11:24 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। 29 वर्ष पूर्व खुले खेतीखान के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआई) के भवन निर्माण का काम जल्द ही शुरू होगा। शासन द्वारा आईटीआई के भवन निर्माण के लिए दूसरी किश्त के तौर पर 50 लाख रुपये अवमुक्त कर दिए हैं। निर्माण कार्य उत्तराखंड पेयजल संस्थान एवं निर्माण निगम (सीएनडीएस) लोहाघाट को सौंपा गया है। इससे पूर्व पहले किस्त के रूप में मिले 8.38 लाख रुपये से कार्यदायी संस्था द्वारा भूमि परीक्षण, द्वितीय फेज का आगणन तैयार करने का कार्य किया गया है।
आईटीआई के भवन निर्माण का शासनादेश पहुंचने से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। शिक्षाविद सीएल वर्मा का कहना है कि 1989 में शुरू आईटीआई के पास अपना भवन नहीं होने से इसके संचालन से लेकर विस्तार तक में दिक्कत आ रही थी। भवन निर्माण की दूसरी किश्त जारी होने पर सीएल वर्मा, मुकेश राज देउपा, दिगराज सिंह, प्रकाश बोहरा, एलडी ओली, गोपाल मनराल, सुरेश देऊपा, एलडी ओली, भैरव ओली आदि ने विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का आभार जताया।
जगह की कमी से बंद हैं दो ट्रेड
29 वर्ष पुराने आईटीआई खेतीखान में पांच ट्रेड हैं, लेकिन सिर्फ तीन का संचालन हो रहा हैं। यह ट्रेड भी बेहद पुराने किराये के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। पिथौरागढ़ जिले के हिस्से के दौर में 1989 में खेतीखान में ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देने के मकसद से आईटीआई खोला गया था। वायरमैन, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स, वायरलेस, रेडियो, टेलीविजन ऑपरेटर ट्रेड यहां स्वीकृत हैं, लेकिन इस वक्त वायरलैस और रेडियो, टीवी ऑपरेटर के ट्रेड संचालित नहीं हो रहे हैं। तीन ट्रेडों में महज 39 छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये कक्षाएं भी महज तीन जीर्णशीर्ण कमरों में चल रही हैं।
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आईटीआई के भवन निर्माण का शासनादेश पहुंचने से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। शिक्षाविद सीएल वर्मा का कहना है कि 1989 में शुरू आईटीआई के पास अपना भवन नहीं होने से इसके संचालन से लेकर विस्तार तक में दिक्कत आ रही थी। भवन निर्माण की दूसरी किश्त जारी होने पर सीएल वर्मा, मुकेश राज देउपा, दिगराज सिंह, प्रकाश बोहरा, एलडी ओली, गोपाल मनराल, सुरेश देऊपा, एलडी ओली, भैरव ओली आदि ने विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का आभार जताया।
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जगह की कमी से बंद हैं दो ट्रेड
29 वर्ष पुराने आईटीआई खेतीखान में पांच ट्रेड हैं, लेकिन सिर्फ तीन का संचालन हो रहा हैं। यह ट्रेड भी बेहद पुराने किराये के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। पिथौरागढ़ जिले के हिस्से के दौर में 1989 में खेतीखान में ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देने के मकसद से आईटीआई खोला गया था। वायरमैन, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स, वायरलेस, रेडियो, टेलीविजन ऑपरेटर ट्रेड यहां स्वीकृत हैं, लेकिन इस वक्त वायरलैस और रेडियो, टीवी ऑपरेटर के ट्रेड संचालित नहीं हो रहे हैं। तीन ट्रेडों में महज 39 छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये कक्षाएं भी महज तीन जीर्णशीर्ण कमरों में चल रही हैं।
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