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पशुओं की कब्रगाह बना राष्ट्ररीय राजमार्ग
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:36 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। टू-लेन बनने के बाद से राष्ट्रीय राजमार्ग टनकपुर में पशुओं का कब्रगाह बन गया है। रात में सड़क पर आकर बैठ रहे लावारिस पशुओं के झुंड से जहां हादसे का खतरा बना रहता है, वहीं वाहनों की टक्कर से आए दिन इन पशुओं की मौत भी हो रही है। टनकपुर-बनबसा के बीच दो माह के अंदर करीब एक दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। सड़क पर मृत पशुओं से उठने वाली दुर्गंध से राह चलते लोगों और आसपास रहने वालों का रहना मुश्किल हो रहा है।
राजमार्ग चौड़ा होने के बाद दिनभर जंगल में चरने वाले लावारिस पशु रात के समय सड़क पर आकर बैठ जाते हैं। टनकपुर से लेकर बनबसा तक राजमार्ग पर कई जगह पशुओं के झुंड बैठे नजर आते हैं। इससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था में व्यवधान पैदा हो रहा है, बल्कि वाहनों की टक्कर से आए दिन पशुओं की मौत भी हो रही है। बताया जाता है कि दो माह के अंदर एक दर्जन से ज्यादा पशु वाहनों की टक्कर से मर चुके हैं, वहीं कई दोपहिया वाहन चालक भी पशुओं से टकरा कर गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। पिछले एक सप्ताह के अंदर ज्ञानखेड़ा क्षेत्र में एक गाय, एक बछड़ा और एक भैंस वाहन की चपेट में आकर मरे हैं। ज्ञानखेड़ा के पास वाहन की टक्कर से मृत भैंस कई दिन से सड़क पर ही है, लेकिन कोई सुधलेवा नहीं है। विजन पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य नवलकिशोर तिवारी ने बताया कि मृत भैंस से उठ रही दुर्गंध से आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। घर से बाहर निकलते ही लोग नाक दबाने को मजबूर हैं।
फोटो 27 टीएनपी 04 पी।
राजमार्ग चौड़ा होने के बाद दिनभर जंगल में चरने वाले लावारिस पशु रात के समय सड़क पर आकर बैठ जाते हैं। टनकपुर से लेकर बनबसा तक राजमार्ग पर कई जगह पशुओं के झुंड बैठे नजर आते हैं। इससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था में व्यवधान पैदा हो रहा है, बल्कि वाहनों की टक्कर से आए दिन पशुओं की मौत भी हो रही है। बताया जाता है कि दो माह के अंदर एक दर्जन से ज्यादा पशु वाहनों की टक्कर से मर चुके हैं, वहीं कई दोपहिया वाहन चालक भी पशुओं से टकरा कर गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। पिछले एक सप्ताह के अंदर ज्ञानखेड़ा क्षेत्र में एक गाय, एक बछड़ा और एक भैंस वाहन की चपेट में आकर मरे हैं। ज्ञानखेड़ा के पास वाहन की टक्कर से मृत भैंस कई दिन से सड़क पर ही है, लेकिन कोई सुधलेवा नहीं है। विजन पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य नवलकिशोर तिवारी ने बताया कि मृत भैंस से उठ रही दुर्गंध से आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। घर से बाहर निकलते ही लोग नाक दबाने को मजबूर हैं।
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फोटो 27 टीएनपी 04 पी।