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साधन सहकारी सचिवों की हड़ताल नवें दिन भी जारी
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:36 PM IST
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चंपावत। जिले में साधन सहकारी समितियों के कैडर सचिवों का आंदोलन नौवें दिन भी जारी रहा। साधन सहकारी समितियों के कैडर सचिवों ने सोमवार को विकास भवन स्थित सहायक निबंधक कार्यालय के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन किया। सचिवों की कलमबंद हड़ताल के कारण जिले की सभी बहुउद्देश्यीय साधन सहकारी समितियों में ताला लटकने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
धरना स्थल में हुई सभा में सचिवों ने कलमबंद हड़ताल के नौ दिन बीतने के बाद भी कोई आदेश जारी नहीं होने पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि पूर्व में सरकार की ओर से उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्री की ओर से समिति कर्मचारियों को बहुउद्देश्यीय बनाए जाने, समितियों में जन औषधि केंद्र खोलने और पतंजलि स्वदेशी स्टोर खोलने के प्रयास तो किए जा रहे हैं, लेकिन सहकारिता विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले सचिवों की जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। इससे सचिव परिषद उग्र आंदोलन की तैयारी कर रहा है। बताया गया कि कि जल्द शासनादेश निर्गत न होने की सूरत में दो सितंबर से देहरादून में क्रमिक अनशन कर सामूहिक इस्तीफा देने जैसे गंभीर कदम उठाए जाएंगे। इन में दीनानाथ वर्मा, मथुरा दत्त जोशी, निर्मल चंद भट्ट, दिनेश नाथ गोस्वामी, हरीश जोशी, प्रकाश सिंह बिष्ट, जगदीश चंद्र जोशी, छवि राम, केदार सिंह अधिकारी, खीम सिंह कुंवर आदि थे।
धरना स्थल में हुई सभा में सचिवों ने कलमबंद हड़ताल के नौ दिन बीतने के बाद भी कोई आदेश जारी नहीं होने पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि पूर्व में सरकार की ओर से उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्री की ओर से समिति कर्मचारियों को बहुउद्देश्यीय बनाए जाने, समितियों में जन औषधि केंद्र खोलने और पतंजलि स्वदेशी स्टोर खोलने के प्रयास तो किए जा रहे हैं, लेकिन सहकारिता विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले सचिवों की जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। इससे सचिव परिषद उग्र आंदोलन की तैयारी कर रहा है। बताया गया कि कि जल्द शासनादेश निर्गत न होने की सूरत में दो सितंबर से देहरादून में क्रमिक अनशन कर सामूहिक इस्तीफा देने जैसे गंभीर कदम उठाए जाएंगे। इन में दीनानाथ वर्मा, मथुरा दत्त जोशी, निर्मल चंद भट्ट, दिनेश नाथ गोस्वामी, हरीश जोशी, प्रकाश सिंह बिष्ट, जगदीश चंद्र जोशी, छवि राम, केदार सिंह अधिकारी, खीम सिंह कुंवर आदि थे।
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