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जांच का आदेश देने के 35 दिन बाद शुरू होगी जांच
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:17 AM IST
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चंपावत। कन्यूड़ा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शून्य प्रतिशत के परीक्षाफल की तरह ही जांच की गति भी मायूस करने वाली है। जिस जांच को एक सप्ताह में पूरा हो जाना था, वह जांच अभी शुरू तक नहीं हो सकी है। और अब इस जांच की शुरुआत के लिए ही स्कूल के खुलने का इंतजार करना होगा। गर्मियों की छुट्टी के बाद 2 जुलाई को स्कूल खुलेगा। 28 मई को जांच के निर्देश देने के 35 दिन बाद जांच शुरू हो सकेगी।
उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा परीक्षा परिषद के इस साल 26 मई को आए हाइस्कूल की परीक्षा के नतीजे में कन्यूड़ा के सभी (6 छात्राएं व 7 छात्र) छात्र फेल हो गए थे। जबकि स्कूल में विज्ञान विषय को छोड़ अन्य विषयों में शिक्षकों की भी तैनाती थी। अध्यापकों के होते हुए स्कूल के बेहद निराशाजनक प्रदर्शन से सकते में आए शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में जांच कराने की बात कही थी। 28 मई को मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित ने बाकायदा जांच के निर्देश देते हुए जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) दिलेर सिंह राजपूत को जांच अधिकारी बनाया और सात दिन के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए। चार जून को सात दिन पूरे हो गए, मगर इस अवधि तक जांच का पहला चरण भी शुरू नहीं हो सका है।
ऐसे में इस जांच और जांच रिपोर्ट का क्या हश्र होगा? आसानी से समझा जा सकता है। वैसे प्रधानाचार्यों की मासिक बैठक में हर बार यह कहा जाता रहा है कि परीक्षाफल में कमी आने पर प्रधानाचार्य व संबंधित विषय अध्यापक जिम्मेदार होगा।
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कोट
गरम घाटी का स्कूल होने के चलते कन्यूड़ा में इन दिनों ग्रीष्म अवकाश है। जांच में पूछताछ के लिए बुलाने पर शिक्षकों को प्रतिकर देना होगा। इस वजह से जांच को स्कूल खुलने पर शुरू किया जा सकेगा। और एक सप्ताह से कम समय में जांच पूरी कर दी जाएगी।
दिलेर सिंह राजपूत, जांच अधिकारी।
उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा परीक्षा परिषद के इस साल 26 मई को आए हाइस्कूल की परीक्षा के नतीजे में कन्यूड़ा के सभी (6 छात्राएं व 7 छात्र) छात्र फेल हो गए थे। जबकि स्कूल में विज्ञान विषय को छोड़ अन्य विषयों में शिक्षकों की भी तैनाती थी। अध्यापकों के होते हुए स्कूल के बेहद निराशाजनक प्रदर्शन से सकते में आए शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में जांच कराने की बात कही थी। 28 मई को मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित ने बाकायदा जांच के निर्देश देते हुए जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) दिलेर सिंह राजपूत को जांच अधिकारी बनाया और सात दिन के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए। चार जून को सात दिन पूरे हो गए, मगर इस अवधि तक जांच का पहला चरण भी शुरू नहीं हो सका है।
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ऐसे में इस जांच और जांच रिपोर्ट का क्या हश्र होगा? आसानी से समझा जा सकता है। वैसे प्रधानाचार्यों की मासिक बैठक में हर बार यह कहा जाता रहा है कि परीक्षाफल में कमी आने पर प्रधानाचार्य व संबंधित विषय अध्यापक जिम्मेदार होगा।
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गरम घाटी का स्कूल होने के चलते कन्यूड़ा में इन दिनों ग्रीष्म अवकाश है। जांच में पूछताछ के लिए बुलाने पर शिक्षकों को प्रतिकर देना होगा। इस वजह से जांच को स्कूल खुलने पर शुरू किया जा सकेगा। और एक सप्ताह से कम समय में जांच पूरी कर दी जाएगी।
दिलेर सिंह राजपूत, जांच अधिकारी।