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समय पर राहत न मिलने से होती हैं 70 प्रतिशत मौतें

Wed, 31 Jan 2018 11:00 PM IST
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:00 PM IST
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समय पर राहत न मिलने से होती हैं 70 प्रतिशत मौतें

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चंपावत। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने कहा कि आपदा के वक्त तत्काल मदद नहीं मिलने से 70 प्रतिशत से अधिक लोग अकाल मौत का शिकार होते हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती तीन मिनट में बचाव दल द्वारा उठाया गया कदम बेहद निर्णायक होता है। आपदा के दौरान घायल व्यक्ति के मस्तिष्क में तीन मिनट तक रक्त प्रवाह रुकने पर जान जाने का खतरा बढ़ जाता है।

सीएमएस जोशी ने जिला अस्पताल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिग्री कॉलेज के छात्रों को आपदा से बचाव के लिए प्राथमिक उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक इलाज का मकसद जिंदगी को बचाने के अलावा पीड़ित व्यक्ति को दर्द से निजात दिलाने के साथ उच्च स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना होता है। आपदा पीड़ित व्यक्ति को अकेले व्यक्ति या दो लोगों द्वारा अस्पताल तक लेकर जाने के तरीके भी बताए गए।
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बाद में सीएमएस ने कुत्ते या अन्य पालतू पशुओं द्वारा काटे जाने पर लगने वाले टीके की जानकारी दी। इस संबंध में लोगों में फैली भ्रांतियों को भी दूर किया गया। बताया गया कि काटने के 10 दिन के भीतर कुत्ते की मौत और काटे जाने वाली जगह से खून निकलने पर अनिवार्य रूप से एंटी रेबीज वैक्सीन लगाए जाने चाहिए। प्रशिक्षण में राजकीय महाविद्यालय के छात्र शामिल थे।
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