{"_id":"59dd090c4f1c1b86698b5128","slug":"61507657996-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राकड़ी फुलारा में किया गया क्राप कटिंग का प्रयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राकड़ी फुलारा में किया गया क्राप कटिंग का प्रयोग
Updated Tue, 10 Oct 2017 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। यहां राकड़ी फुलारा गांव में जिला प्रशासन की ओर से क्रॉप कटिंग का कार्य किया गया। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा के नेतृत्व में कृषि और सांख्यिकी विभाग ने कृषक नाथ सिंह के खेत संख्या 320 एवं 330 में धान की फसल में 30 वर्गमीटर का प्लाट बनाकर क्रॉप कटिंग प्रयोग किया। क्रॉप कटिंग निरीक्षण के दौरान खसरा रजिस्टर, नक्शा आदि भूअभिलेखों की जांच की गई। एडीएम ने किसानों से कृषि एवं अन्य आवश्यक संसाधनों से संबंधित समस्याओं एवं चुनौतियों की जानकारी प्राप्त करने तथा कृषि कार्य में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने को कहा।
अपर सांख्यिकी अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि खरीफ 2016 से क्रॉप कटिंग प्रयोगों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ाए जाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पटवारी एवं कानूनगो को स्मार्ट फोन आवंटित किए गए हैं। क्रॉप कटिंग प्रयोगों से प्राप्त उत्पादन के आंकड़ों के आधार पर क्षति एंव फसल बीमा की राशि की गणना की जाती है। साथ ही इन आंकड़ों का प्रयोग कर तहसीलवार उत्पादन का आंकलन कर प्रदेश स्तर व देश में विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गणना की जाती है। इस अवसर पर एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा, तहसीलदार गोविंद प्रसाद, कानूनगो हरीश जोशी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी जुगल किशोर पांडेय, राजस्व निरीक्षक हरीश चंद्र जोशी, राजस्व उप निरीक्षक सुंदर सिंह नेगी, शंकर लाल वर्मा एवं कृषक उपस्थित थे।
विज्ञापन
अपर सांख्यिकी अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि खरीफ 2016 से क्रॉप कटिंग प्रयोगों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ाए जाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पटवारी एवं कानूनगो को स्मार्ट फोन आवंटित किए गए हैं। क्रॉप कटिंग प्रयोगों से प्राप्त उत्पादन के आंकड़ों के आधार पर क्षति एंव फसल बीमा की राशि की गणना की जाती है। साथ ही इन आंकड़ों का प्रयोग कर तहसीलवार उत्पादन का आंकलन कर प्रदेश स्तर व देश में विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गणना की जाती है। इस अवसर पर एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा, तहसीलदार गोविंद प्रसाद, कानूनगो हरीश जोशी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी जुगल किशोर पांडेय, राजस्व निरीक्षक हरीश चंद्र जोशी, राजस्व उप निरीक्षक सुंदर सिंह नेगी, शंकर लाल वर्मा एवं कृषक उपस्थित थे।
विज्ञापन