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6 बसों का संचालन नहीं हो पा रहा
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Sun, 26 Feb 2017 10:15 PM IST
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6 बसों का संचालन नहीं हो पा रहा
- फोटो : अमर उजाला
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टायर नहीं मिलने से रोडवेज के लोहाघाट डिपो की 14 बसें लंबे समय से खड़ी है। इसके अलावा रविवार को लोहाघाट-रुद्रपुर, दिल्ली, देहरादून, टनकपुर-हरिद्वार, बरेली और हल्द्वानी के लिए बसों का संचालन नहीं हो पाया। कई रूटों पर बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है। इसके चलते डिपो को हर रोज तीन लाख रुपए घाटा उठाना पड़ रहा है।
रविवार को छह बसों का (लोहाघाट-रुद्रपुर, दिल्ली, देहरादून, टनकपुर-हरिद्वार, बरेली और हल्द्वानी) संचालन नहीं हो पाया। हालांकि लोहाघाट से दिल्ली के लिए चार, देहरादून के लिए तीन, बरेली, ऋषिकेश, धारचूला, हल्द्वानी के लिए एक-एक बसों का ही संचालन हुआ।
रोडवेज के लोहाघाट डिपो के फोरमैन दीपक सिंह का कहना है कि टायरों की कमी के कारण छमनियां स्थित डिपो के कार्यशाला में 14 बसें खड़ी हैं, जबकि करीब छह बसें टायरों के अभाव में खड़ी होने की कगार में पहुंच चुकी हैं। इन 21 बसों के संचालन के लिए तत्काल 43 टायरों की जरूरत है। डिपो में 48 बसें हैं। इनका रोजाना 14500 किमी का लक्ष्य है। लेकिन टायरों के अभाव में वाहनों का संचालन न होने के कारण करीब साढे़ चार हजार किमी दूरी कम तय होने से डिपो को रोज तीन लाख रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है।
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रविवार को छह बसों का (लोहाघाट-रुद्रपुर, दिल्ली, देहरादून, टनकपुर-हरिद्वार, बरेली और हल्द्वानी) संचालन नहीं हो पाया। हालांकि लोहाघाट से दिल्ली के लिए चार, देहरादून के लिए तीन, बरेली, ऋषिकेश, धारचूला, हल्द्वानी के लिए एक-एक बसों का ही संचालन हुआ।
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रोडवेज के लोहाघाट डिपो के फोरमैन दीपक सिंह का कहना है कि टायरों की कमी के कारण छमनियां स्थित डिपो के कार्यशाला में 14 बसें खड़ी हैं, जबकि करीब छह बसें टायरों के अभाव में खड़ी होने की कगार में पहुंच चुकी हैं। इन 21 बसों के संचालन के लिए तत्काल 43 टायरों की जरूरत है। डिपो में 48 बसें हैं। इनका रोजाना 14500 किमी का लक्ष्य है। लेकिन टायरों के अभाव में वाहनों का संचालन न होने के कारण करीब साढे़ चार हजार किमी दूरी कम तय होने से डिपो को रोज तीन लाख रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है।
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