फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   भांग की खेती को नष्ट करना गलत

भांग की खेती को नष्ट करना गलत

Fri, 01 Sep 2017 11:08 PM IST
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:08 PM IST
विज्ञापन
भांग की खेती को नष्ट करना गलत

विज्ञापन
लोहाघाट (चंपावत)।
राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण समिति ने भांग की खेती को नष्ट करने को गलत बताया है। कहा कि शराब की तरह ही चरस के भी ठेके खोले जाएं। इससे ग्रामीणों की परंपरागत खेती भी सुरक्षित रहेगी और सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। अलबत्ता समिति ने भांग से चरस बनाकर अवैध कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


समिति के अध्यक्ष डीडी पांडेय की अध्यक्षता और शैलेंद्र राय के संचालन में हुई बैठक में समिति के सदस्यों ने कहा कि भांग की खेती को नष्ट करना न्यायसंगत नहीं है। भांग की खेती पहाड़ी क्षेत्र की महत्वपूर्ण फसल है। इसका हर भाग उपयोग में आता है। वक्ताओं ने कहा कि गांव में आज जंगली जानवर सारी फसलों और सब्जियों को नष्ट कर रहे हैं। ऐसे में लोग भांग की खेती के जरिए रोजी-रोटी चलाने का प्रयास कर रहे हैं। जाड़ों में भांग के दाने सब्जी और दाल में प्रयोग किए जाते हैं। तने से रेशे निकालकर रस्सी में उपयोग में आता है। लोगों के लिए लघु उद्योग के रूप में कारगर सिद्ध हुआ है। सरकारी आदेश के बाद विभागीय अधिकारी गांव-गांव जाकर भांग की खेती को नष्ट कर रहे हैं। बैठक में देवेंद्र बिष्ट, विजय माहरा, निक्कू जोशी, सुशीला बोहरा, जितेंद्र साह, विनोद कोठारी, अनिल भट्ट आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed