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 50 परिवारों ने छोड़ा गांव

Thu, 21 Dec 2017 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Thu, 21 Dec 2017 10:58 PM IST
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50 families left village
चंपावत का बडोली गांव। - फोटो : amar ujala

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सुविधाओं के अभाव के चलते बडोली गांव के 50 परिवारों ने गांव छोड़ दिया है। इस गांव में सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में दसवीं के बाद आगे की शिक्षा की सुविधा नहीं है। विद्यार्थियों को इंटर की शिक्षा के लिए सात किलोमीटर की पैदल दौड़ लगानी पड़ रही है।

गांव में बुनियादी सुविधाओं को जोड़ने की मांग को लेकर गांव के 65 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता जयदत्त भट्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि 100 परिवारों वाले गांव में न तो अस्पताल है और न ही इंटर कॉलेज। गांव के विद्यार्थियों को हाइस्कूल के बाद आगे की शिक्षा के लिए सात किलोमीटर दूर स्वांला आना पड़ता है। वर्तमान में गांव से 35 विद्यार्थी इंटर की शिक्षा के लिए रोज स्वांला आने को मजबूर हैं। नजदीक में इंटर कॉलेज नहीं होने से गांव की कई छात्राएं दसवीं के बाद आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती हैं।
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पहले इस गांव में करीब डेढ़ सौ परिवार रहते थे। राज्य बनने के बाद से अब तक 50 परिवार पलायन कर चंपावत, टनकपुर सहित अन्य सुविधायुक्त शहरों में बस गए हैं। गांव में वर्तमान में गरीब परिवार ही रह गए हैं, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से शीघ्र बडोली गांव तक सड़क बनाने की मांग की है। गांव निवासी लीलाधर भट्ट, खिलानंद भट्ट, उमाशंकर आदि का कहना है कि ग्रामीणों को सर्वाधिक दिक्कतों का सामना उस समय करना पड़ता है, जब गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को डोली के जरिए कई किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई तय कर सड़क तक लाना पड़ता है।
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पांच बार हो चुका है सड़क के लिए सर्वे
चंपावत। बडोली ग्राम पंचायत को सड़क से जोड़ने के लिए अब तक पांच बार सर्वेक्षण किया जा चुका है, लेकिन सड़क निर्माण को लेकर हर बार कोई न कोई पेंच फंस ही जाता है। कभी वन अधिनियम का रोड़ा तो कभी ग्रामीणों के विरोध के कारण सड़क निर्माण नहीं हो पाया है। बुजुर्ग जय दत्त भट्ट के अनुसार तीन बार के सर्वे में तो वह स्वयं भी शामिल रहे हैं। बीते दिनों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत धौन-मझेड़ा-बडोली सड़क का सर्वे ग्रामीणों के विरोध के कारण बदलना पड़ा है। विधायक कैलाश गहतोड़ी का कहना है कि बडोली गांव को जल्द सड़क सुविधा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
 
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