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युवाओं ने आपदा से बचाव के तरीके जाने
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:38 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र सचिवालय देहरादून की पहल पर न्याय पंचायत ढोरजा में 10 दिवसीय खोज और बचाव प्रशिक्षण शिविर का प्रमाणपत्र वितरण के साथ समापन हुआ। मुख्य अतिथि होलीडॉन स्कूल के मनीष पांडेय, विशिष्ट अतिथि क्षेत्र पंचायत सदस्य पूरन सिंह अधिकारी ने प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र वितरण के साथ समापन किया। प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभवों को साझा किया।
कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण हर स्थानों में कराएं जाने चाहिए, ताकि प्रशिक्षणार्थी आपदा के वक्त राहत और बचाव कार्य में सहयोग कर सकेें। देहरादून से आए मुख्य प्रशिक्षक अनिल सकलानी, आलोक वर्मा और सीमा परमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार की गांठें लगाना, फंदे बनाना, तुमारिंग, रैपलिंग, टेरोलिन टैवर्स, प्राथमिक उपचार, गहरी खाई से घायलों को निकालना, स्ट्रेचर बनाना, चट्टान में चढ़ना-उतरना, नदी पार करने आदि का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में 25 युवकों ने हिस्सा लिया।
बताया गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण प्रत्येेक न्याय पंचायत में आयोजित किए जाएंगे। ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ता, ग्राम प्रहरी, एसएसबी स्वयंसेवक को प्राथमिकता से लिया जाएगा। सकलानी ने कहा कि प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य लोगों को आपदाओं को रोकने के लिए जागरूक करना है। बाद में प्रशिक्षण लेने वालों को प्रमाणपत्र दिए गए। इस मौके पर भुवन चंद्र पांडेय, दीपा धौनी, विनीता सामंत, जानकी अधिकारी, जीवन चिलकोटी ने विचार रखे। 27 नवंबर से रौंसाल न्याय पंचायत में दस दिनी आपदा प्रबंधन शिविर शुरू होगा।
कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण हर स्थानों में कराएं जाने चाहिए, ताकि प्रशिक्षणार्थी आपदा के वक्त राहत और बचाव कार्य में सहयोग कर सकेें। देहरादून से आए मुख्य प्रशिक्षक अनिल सकलानी, आलोक वर्मा और सीमा परमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार की गांठें लगाना, फंदे बनाना, तुमारिंग, रैपलिंग, टेरोलिन टैवर्स, प्राथमिक उपचार, गहरी खाई से घायलों को निकालना, स्ट्रेचर बनाना, चट्टान में चढ़ना-उतरना, नदी पार करने आदि का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में 25 युवकों ने हिस्सा लिया।
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बताया गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण प्रत्येेक न्याय पंचायत में आयोजित किए जाएंगे। ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ता, ग्राम प्रहरी, एसएसबी स्वयंसेवक को प्राथमिकता से लिया जाएगा। सकलानी ने कहा कि प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य लोगों को आपदाओं को रोकने के लिए जागरूक करना है। बाद में प्रशिक्षण लेने वालों को प्रमाणपत्र दिए गए। इस मौके पर भुवन चंद्र पांडेय, दीपा धौनी, विनीता सामंत, जानकी अधिकारी, जीवन चिलकोटी ने विचार रखे। 27 नवंबर से रौंसाल न्याय पंचायत में दस दिनी आपदा प्रबंधन शिविर शुरू होगा।
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