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गोरलचौड़ मैदान के विस्तार को मिले 35 लाख वापस
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Wed, 21 Feb 2018 10:24 PM IST
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चंपावत का गोरलचौड़ मैदान।
- फोटो : अमर उजाला
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गोरलचौड़ मैदान के विस्तार के लिए मिली रकम को वापस कर दिया गया है। मैदान से लगी सेना की जमीन के हस्तांतरण का मामला नहीं सुलझने के कारण निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो सका। इससे फिलहाल मिनी स्टेडियम बनाने का सपना टूट गया है।
जिला मुख्यालय में इस वक्त सभी तरह की खेल गतिविधियां शिक्षा विभाग के गोरलचौड़ खेल मैदान में होती है।
स्टेडियम के लिए जमीन नहीं मिलने से इस मैदान को विस्तार देने का निर्णय लिया गया था। विस्तार की जिम्मेदारी युवा कल्याण विभाग की थी। जिला युवा कल्याण अधिकारी हरीश जोशी ने बताया कि विस्तार के लिए स्वीकृत 73 लाख रुपये में से 35 लाख रुपये मिले थे, लेकिन निर्माण में आई अड़चन दूर नहीं होने के कारण यह रकम वापस मांग ली गई।
जिला क्रीड़ाधिकारी आरएस धामी ने बताया कि गोरलचौड़ मैदान से लगी सेना की जमीन के हस्तांतरण का मामला नहीं सुलझने से मिनी स्टेडियम के निर्माण में अड़चन आ रही है। प्रशासन ने गोरलचौड़ मैदान से लगी रक्षा मंत्रालय की भूमि के हस्तांतरण का जूप पटवा में प्रयास किया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।
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तीन मुख्यमंत्रियों के ऐलान हवा-हवाई
राज्य बनने के बाद से अभी तक चंपावत जिले में एक भी नया स्टेडियम नहीं बन सका है। चंपावत में स्टेडियम का एलान तीन मुख्यमंत्रियों ने किया, लेकिन ये घोषणा आज तक जमीनी रूप नहीं ले सकी। अप्रैल 2001 में पहले सीएम नित्यानंद स्वामी ने, इसके बाद पूर्व सीएम डॉ. बीसी खंडूरी और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने भी स्टेडियम बनाने का एलान किया था, जो की हवा-हवाई साबित हुआ।
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जिला मुख्यालय में इस वक्त सभी तरह की खेल गतिविधियां शिक्षा विभाग के गोरलचौड़ खेल मैदान में होती है।
स्टेडियम के लिए जमीन नहीं मिलने से इस मैदान को विस्तार देने का निर्णय लिया गया था। विस्तार की जिम्मेदारी युवा कल्याण विभाग की थी। जिला युवा कल्याण अधिकारी हरीश जोशी ने बताया कि विस्तार के लिए स्वीकृत 73 लाख रुपये में से 35 लाख रुपये मिले थे, लेकिन निर्माण में आई अड़चन दूर नहीं होने के कारण यह रकम वापस मांग ली गई।
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जिला क्रीड़ाधिकारी आरएस धामी ने बताया कि गोरलचौड़ मैदान से लगी सेना की जमीन के हस्तांतरण का मामला नहीं सुलझने से मिनी स्टेडियम के निर्माण में अड़चन आ रही है। प्रशासन ने गोरलचौड़ मैदान से लगी रक्षा मंत्रालय की भूमि के हस्तांतरण का जूप पटवा में प्रयास किया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।
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तीन मुख्यमंत्रियों के ऐलान हवा-हवाई
राज्य बनने के बाद से अभी तक चंपावत जिले में एक भी नया स्टेडियम नहीं बन सका है। चंपावत में स्टेडियम का एलान तीन मुख्यमंत्रियों ने किया, लेकिन ये घोषणा आज तक जमीनी रूप नहीं ले सकी। अप्रैल 2001 में पहले सीएम नित्यानंद स्वामी ने, इसके बाद पूर्व सीएम डॉ. बीसी खंडूरी और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने भी स्टेडियम बनाने का एलान किया था, जो की हवा-हवाई साबित हुआ।