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हमारे पूर्वजों की विरासत है योग और आध्यात्म
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लोहाघाट (चंपावत)। मानव उत्थान सेवा समिति शाखा लोहाघाट की ओर से मीना बाजार में सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। समिति के शाखा प्रधान ललित मोहन पांडेय ने कहा कि योग और आध्यात्म हमारे पूर्वजों की विरासत थी। उसे हम धीरे-धीरे भूलते जा रहे हैं, जिससे मानव प्रेम में गिरावट आ रही है।
शिक्षा का प्रचार-प्रसार बढ़ता जा रहा है फिर भी हम समाज में विवेकानंद, झांसी की रानी के जीवन से प्रेरणा नहीं ले पा रहे हैं। इसलिए समाज को आज आध्यात्म की नितांत आवश्यकता है। नारायण दत्त पुनेठा ने कहा कि मन की शांति के लिए आध्यात्म ज्ञान का होना अति आवश्यक है। पवन पांडेय, विद्याधर बगौली, भैरव गिरी ने माया से डरो भाई माया मार डालेगी, भक्ति करो भाई भक्ति काम आएगी आदि भजन प्रस्तुत किए। वहां संदीप, अमित सैनी, शिवराज सिंह, दिनेश रावत, ममता, बीना, हंसी, कंचन, सुनीता ओली, निर्मला गोस्वामी, अंजू पांडेय आदि थे।
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शिक्षा का प्रचार-प्रसार बढ़ता जा रहा है फिर भी हम समाज में विवेकानंद, झांसी की रानी के जीवन से प्रेरणा नहीं ले पा रहे हैं। इसलिए समाज को आज आध्यात्म की नितांत आवश्यकता है। नारायण दत्त पुनेठा ने कहा कि मन की शांति के लिए आध्यात्म ज्ञान का होना अति आवश्यक है। पवन पांडेय, विद्याधर बगौली, भैरव गिरी ने माया से डरो भाई माया मार डालेगी, भक्ति करो भाई भक्ति काम आएगी आदि भजन प्रस्तुत किए। वहां संदीप, अमित सैनी, शिवराज सिंह, दिनेश रावत, ममता, बीना, हंसी, कंचन, सुनीता ओली, निर्मला गोस्वामी, अंजू पांडेय आदि थे।
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