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ग्रामीणों की रजामंदी के बगैर काट डाली 300 मीटर रोड
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 18 Apr 2017 10:17 PM IST
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पेड़
- फोटो : अमर उजाला
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ग्रामीणों ने पेयजल एवं निर्माण निगम पर पड़गा बड़ोली में बिना अनुमति के सड़क कटान करने का आरोप लगा है। उन्होंने गैर कानूनी तरीके से आठ खातेदारों की जमीन काटने का आरोप लगाया है। विभाग को शिकायत करने पर समाधान नहीं होने पर मंगलवार को इस संबंध में ग्रामीणों ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बड़ोली निवासी एडवोकेट गुणानंद थ्वाल का कहना है कि पेयजल एवं निर्माण निगम ने बिना अनुमति के ग्रामीणों की काफी जमीन काट डाली। 300 मीटर रोड की कटिंग भी हो गई। इससे करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बताया गया कि रोड की ये कटिंग क्वैराला घाटी पंपिंग योजना की सामग्री को वाहन से ढोने के लिए की गई। इसके चलते ग्रामीणों के कुछ फलदार पेड़ों को भी नुकसान हुआ।
गुणानंद थ्वाल के अलावा हेम चंद्र, महादेव, केदार दत्त, हीराबल्लभ, लीलाधर, भवानी देवी, सीता देवी, भुवन चंद्र, हेम चंद्र, खीमानंद, बंशीधर आदि की बल्यूड़ा तोक की नाप जमीन काट दी गई है। इसमेें च्यूरा, आम आदि फलदार पेड़ों के साथ ही साल, चीड़ और अन्य प्रजाति के पेड़ों को नुकसान पहुंचा है।
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प्रभावित किसानों का कहना है कि फरवरी में विभाग को पत्र भेजकर मुआवजे की मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बीसी शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की तहरीर पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। उधर, पेयजल निर्माण निगम के अधिकारी अवैध रूप से रोड काटने के आरोप को नकारते हैं।
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बड़ोली निवासी एडवोकेट गुणानंद थ्वाल का कहना है कि पेयजल एवं निर्माण निगम ने बिना अनुमति के ग्रामीणों की काफी जमीन काट डाली। 300 मीटर रोड की कटिंग भी हो गई। इससे करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बताया गया कि रोड की ये कटिंग क्वैराला घाटी पंपिंग योजना की सामग्री को वाहन से ढोने के लिए की गई। इसके चलते ग्रामीणों के कुछ फलदार पेड़ों को भी नुकसान हुआ।
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गुणानंद थ्वाल के अलावा हेम चंद्र, महादेव, केदार दत्त, हीराबल्लभ, लीलाधर, भवानी देवी, सीता देवी, भुवन चंद्र, हेम चंद्र, खीमानंद, बंशीधर आदि की बल्यूड़ा तोक की नाप जमीन काट दी गई है। इसमेें च्यूरा, आम आदि फलदार पेड़ों के साथ ही साल, चीड़ और अन्य प्रजाति के पेड़ों को नुकसान पहुंचा है।
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प्रभावित किसानों का कहना है कि फरवरी में विभाग को पत्र भेजकर मुआवजे की मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बीसी शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की तहरीर पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। उधर, पेयजल निर्माण निगम के अधिकारी अवैध रूप से रोड काटने के आरोप को नकारते हैं।