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चंपावत राजकीय महाविद्यालय
Updated Thu, 27 Sep 2018 10:45 PM IST
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चंपावत। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रशासनिक अधिकारी नहीं होने से छात्र-छात्राओं में आक्रोश है। प्रशासनिक अधिकारी सुषमा चंद पिछले पांच-छह महीने से अनुपस्थित है। इसके चलते छात्र-छात्राओं के कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। छात्रों ने जल्द प्रशासनिक अधिकारी और अन्य प्राध्यापकों की तैनाती नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
छात्र संघ अध्यक्ष पारस सिंह महरा ने बताया कि जिला मुख्यालय का कॉलेज होने के बाद भी समस्याओं का अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कई बार शासन-प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है। उसके बाद भी कॉलेज की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उपाध्यक्ष रमेश भट्ट ने बताया कि कॉलेज में एमएससी, एमकॉम, एनसीसी नहीं होने से छात्र-छात्राओं को मुख्यालय का कॉलेज छोड़ लोहाघाट, पिथौरागढ़, हल्द्वानी और नैनीताल का रुख करना पड़ रहा है। इस मौके पर छात्रा उपाध्यक्षा पूजा गोस्वामी, महासचिव पूरन सिंह बिष्ट, सचिव अरुण उप्रेती, कोषाध्यक्ष शुभम गिरी, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि विजय कुमार मौजूद रहे।
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महाविद्यालय की प्रशासनिक अधिकारी जून से अवकाश में हैं। उनके पास पुस्तकालय का भी अतिरिक्त चार्ज होने के कारण छात्रों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।
डॉ.वीपी ओली, प्रभारी प्राचार्य।
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छात्र संघ अध्यक्ष पारस सिंह महरा ने बताया कि जिला मुख्यालय का कॉलेज होने के बाद भी समस्याओं का अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कई बार शासन-प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है। उसके बाद भी कॉलेज की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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उपाध्यक्ष रमेश भट्ट ने बताया कि कॉलेज में एमएससी, एमकॉम, एनसीसी नहीं होने से छात्र-छात्राओं को मुख्यालय का कॉलेज छोड़ लोहाघाट, पिथौरागढ़, हल्द्वानी और नैनीताल का रुख करना पड़ रहा है। इस मौके पर छात्रा उपाध्यक्षा पूजा गोस्वामी, महासचिव पूरन सिंह बिष्ट, सचिव अरुण उप्रेती, कोषाध्यक्ष शुभम गिरी, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि विजय कुमार मौजूद रहे।
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महाविद्यालय की प्रशासनिक अधिकारी जून से अवकाश में हैं। उनके पास पुस्तकालय का भी अतिरिक्त चार्ज होने के कारण छात्रों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।
डॉ.वीपी ओली, प्रभारी प्राचार्य।