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डॉक्टरों की तैनाती के लिए अब डीएम ने की पहल
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:52 PM IST
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चंपावत। चंपावत जिले की पटरी से उतरी स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने जिले के तीन बड़े अस्पतालों में 16 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के लिए शासन को खत भेजा है।
इस वक्त जिले के एक भी अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। यहां तक कि टनकपुर में सर्जन और निश्चेतक होने के बावजूद ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। क्योंकि ऑपरेशन थिएटर की दीवार में सीलन बनी हुई है। इससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।
2.65 लाख की आबादी वाले चंपावत जिले के 23 अस्पतालों में 87 डॉक्टरों के सापेक्ष मात्र 40 ही हैं। जिले में कहीं भी फिजीशियन, न्यूरो सर्जन, यूरोलोजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन, ह्दयरोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन नहीं है।
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जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे व पैथोलाजी की सुविधा है]लेकिन हृदयरोग विशेषज्ञ के नहीं होने से ईसीजी मशीन का उपयोग भी यदाकदा ही हो पा रहा है। डॉक्टरों की कमी और अन्य सुविधाओं के न होने से मरीजों को कायदे का इलाज नहीं मिल पा रहा है। इन सबके मद्देनजर चार जुलाई को डीएम ने स्वास्थ्य सचिव को डॉक्टरों की तैनाती का आग्रह करते हुए पत्र भेजा है।
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इस वक्त जिले के एक भी अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। यहां तक कि टनकपुर में सर्जन और निश्चेतक होने के बावजूद ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। क्योंकि ऑपरेशन थिएटर की दीवार में सीलन बनी हुई है। इससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।
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2.65 लाख की आबादी वाले चंपावत जिले के 23 अस्पतालों में 87 डॉक्टरों के सापेक्ष मात्र 40 ही हैं। जिले में कहीं भी फिजीशियन, न्यूरो सर्जन, यूरोलोजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन, ह्दयरोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन नहीं है।
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जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे व पैथोलाजी की सुविधा है]लेकिन हृदयरोग विशेषज्ञ के नहीं होने से ईसीजी मशीन का उपयोग भी यदाकदा ही हो पा रहा है। डॉक्टरों की कमी और अन्य सुविधाओं के न होने से मरीजों को कायदे का इलाज नहीं मिल पा रहा है। इन सबके मद्देनजर चार जुलाई को डीएम ने स्वास्थ्य सचिव को डॉक्टरों की तैनाती का आग्रह करते हुए पत्र भेजा है।