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जीप हादसे से संबंधित:ड्राइवर की लापरवाही ने छीन ली चार जिंदगियां
Updated Sat, 14 Jul 2018 10:45 PM IST
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चंपावत। जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर बनलेख के छतकांडा में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग अभी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस जीप दुर्घटना की मुख्य वजह बेकाबू रफ्तार एवं चालक की चूक को बताया जा रहा है।
छतकांडा में जहां जीप 250 मीटर गहरी खाई में गिरी, उस स्थान से तीन वाहन आसानी से निकल सकते हैं। इस स्थान पर फिलहाल निर्माण कार्य नहीं चल रहा है। अलबत्ता कुछ वक्त पूर्व कटिंग जरूर हुई। बनलेख एवं धौन के पास के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जीप को न केवल लापरवाही से बल्कि 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जा रहा था, जबकि सड़क पर डामर नहीं था। माना जा रहा है कि तेज गति से झटका खाने से चालक को मौका नहीं मिला और जीप असंतुलित होकर खाई में जा गिरी। अलबत्ता वह खुद जीप से कूद गया। पर्वतीय क्षेत्र में 24 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तय की गई है।
खुद एसपी धीरेंद्र गुंज्याल का कहना है कि अब तक प्राप्त जानकारी से हादसे की वजह चालक की लापरवाही रही है। उनका कहना है कि चौड़ी सड़क पर यह दुर्घटना तेज गति और असंतुलन खोने से हुई है। इधर, एआरटीओ रश्मि भट्ट का कहना है कि जीप की फिटनेस ठीक थी, मगर चालक की चूक हादसे की वजह बनी है।
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परिवहन विभाग के पास नहीं है स्पीडोमीटर
पहाड़ और मैदान की परिवहन व्यवस्था को सुचारु करने की जिम्मेदारी निभाने वाले परिवहन विभाग के पास एक स्पीडोमीटर तक नहीं है। एआरटीओ का कहना है कि स्पीडोमीटर के बगैर गति का अंदाजा लगाकर कार्रवाई की जाती है। अलबत्ता पुलिस विभाग के पास स्पीडोमीटर जरूर हैं।
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छतकांडा में जहां जीप 250 मीटर गहरी खाई में गिरी, उस स्थान से तीन वाहन आसानी से निकल सकते हैं। इस स्थान पर फिलहाल निर्माण कार्य नहीं चल रहा है। अलबत्ता कुछ वक्त पूर्व कटिंग जरूर हुई। बनलेख एवं धौन के पास के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जीप को न केवल लापरवाही से बल्कि 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जा रहा था, जबकि सड़क पर डामर नहीं था। माना जा रहा है कि तेज गति से झटका खाने से चालक को मौका नहीं मिला और जीप असंतुलित होकर खाई में जा गिरी। अलबत्ता वह खुद जीप से कूद गया। पर्वतीय क्षेत्र में 24 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तय की गई है।
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खुद एसपी धीरेंद्र गुंज्याल का कहना है कि अब तक प्राप्त जानकारी से हादसे की वजह चालक की लापरवाही रही है। उनका कहना है कि चौड़ी सड़क पर यह दुर्घटना तेज गति और असंतुलन खोने से हुई है। इधर, एआरटीओ रश्मि भट्ट का कहना है कि जीप की फिटनेस ठीक थी, मगर चालक की चूक हादसे की वजह बनी है।
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परिवहन विभाग के पास नहीं है स्पीडोमीटर
पहाड़ और मैदान की परिवहन व्यवस्था को सुचारु करने की जिम्मेदारी निभाने वाले परिवहन विभाग के पास एक स्पीडोमीटर तक नहीं है। एआरटीओ का कहना है कि स्पीडोमीटर के बगैर गति का अंदाजा लगाकर कार्रवाई की जाती है। अलबत्ता पुलिस विभाग के पास स्पीडोमीटर जरूर हैं।