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लोहाघाट, पुलहिंडोला, किमतोली में कई जगह संकट गहराया
Updated Mon, 26 Mar 2018 11:24 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। शहर और आसपास के कई इलाकों में पेयजल का संकट गहरा गया है। पुलहिंडोला और बाराकोट में पानी की किल्लत के चलते लोग दूरदराज के नौले, गधेरे व हैडपंपों से पानी लाने को मजबूर हैं। एक बाल्टी पानी के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ रहा है।
लोहाघाट में हर रोज औसतन करीब 16.80 लाख लीटर पानी की जरूरत है, मगर बमुश्किल एक-तिहाई पानी की आपूर्ति होने से लोगों को दो दिन छोड़कर भी पानी नहीं मिल पा रहा है। बृजेश माहरा, गोविंद वर्मा, लीलांबर गहतोड़ी, शिवराज सिंह, जगदीश सिंह आदि का कहना है कि लोहाघाट के लोगों को साफ व शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। लोग कामकाज छोड़ पानी की व्यवस्था को भटक रहे हैं।
किमतोली की माधवी देवी, सरिता देवी आदि का कहना है कि पानी के चलते उन्हें रातजगा होना पड़ता है। पुलहिंडोला के गिरीश तिवारी, देवेंद्र पाटनी, शिवराज अधिकारी, नरेश पंत, हरीश पंत, लक्ष्मण भंडारी आदि ने कहा कि यहां के लोग महज दो हैंडपंपों पर आश्रित हैं। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है। जल संस्थान के जेई पवन बिष्ट का कहना है कि जल्द ही लोहाघाट क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था कर हालात सामान्य किए जाएंगे।
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पंचेश्वर कोतवाली में भी पानी नहीं आता है
पुलहिंडोला के पास खालगढ़ा में नवनिर्मित पंचेश्वर कोतवाली में भी पेयजल की समस्या है। थानेदार डीएल वर्मा ने कहा कि पुलहिंडोला में नलकूप बनने के बाद समस्या का समाधान हो सकेगा। अलबत्ता फिलहाल पुलिस अधीक्षक स्तर पर से पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
बिल भेजने पर जल संस्थान को आड़े हाथों लिया
कालाकोट में पेयजल बिल आने पर ग्रामीणों ने जल संस्थान को आड़े हाथों लिया। कहा कि अंबेडकर बस्ती को दिए गए नि:शुल्क पानी के कनेक्शन पर बिल भेजना विभागीय लापरवाही है। मुकेश, पार्वती देवी, विमला, राकेश कालाकोटी, योगेश आदि ने कहा कि वे इस मामले को डीएम के सम्मुख रखेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि एक बार पूर्व में भी विभाग ने पानी का बिल भेजा था, हालांकि वार्ता के बाद इसका निस्तारण हो गया था।
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लोहाघाट में हर रोज औसतन करीब 16.80 लाख लीटर पानी की जरूरत है, मगर बमुश्किल एक-तिहाई पानी की आपूर्ति होने से लोगों को दो दिन छोड़कर भी पानी नहीं मिल पा रहा है। बृजेश माहरा, गोविंद वर्मा, लीलांबर गहतोड़ी, शिवराज सिंह, जगदीश सिंह आदि का कहना है कि लोहाघाट के लोगों को साफ व शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। लोग कामकाज छोड़ पानी की व्यवस्था को भटक रहे हैं।
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किमतोली की माधवी देवी, सरिता देवी आदि का कहना है कि पानी के चलते उन्हें रातजगा होना पड़ता है। पुलहिंडोला के गिरीश तिवारी, देवेंद्र पाटनी, शिवराज अधिकारी, नरेश पंत, हरीश पंत, लक्ष्मण भंडारी आदि ने कहा कि यहां के लोग महज दो हैंडपंपों पर आश्रित हैं। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है। जल संस्थान के जेई पवन बिष्ट का कहना है कि जल्द ही लोहाघाट क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था कर हालात सामान्य किए जाएंगे।
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पंचेश्वर कोतवाली में भी पानी नहीं आता है
पुलहिंडोला के पास खालगढ़ा में नवनिर्मित पंचेश्वर कोतवाली में भी पेयजल की समस्या है। थानेदार डीएल वर्मा ने कहा कि पुलहिंडोला में नलकूप बनने के बाद समस्या का समाधान हो सकेगा। अलबत्ता फिलहाल पुलिस अधीक्षक स्तर पर से पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
बिल भेजने पर जल संस्थान को आड़े हाथों लिया
कालाकोट में पेयजल बिल आने पर ग्रामीणों ने जल संस्थान को आड़े हाथों लिया। कहा कि अंबेडकर बस्ती को दिए गए नि:शुल्क पानी के कनेक्शन पर बिल भेजना विभागीय लापरवाही है। मुकेश, पार्वती देवी, विमला, राकेश कालाकोटी, योगेश आदि ने कहा कि वे इस मामले को डीएम के सम्मुख रखेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि एक बार पूर्व में भी विभाग ने पानी का बिल भेजा था, हालांकि वार्ता के बाद इसका निस्तारण हो गया था।