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राज्यसभा सांसद ने बांध प्रभावितों की सुनी समस्याएं
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:13 PM IST
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राज्यसभा सदस्य महेंद्र सिंह माहरा ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों की समस्याएं सुनी। इस दौरान पंचेेश्वर का भ्रमण कर बांध प्रभावितों से वार्ता की। सांसद माहरा ने विकासखंड पाटी के मूलाकोट आदि क्षेत्रों में पहुंचे। लोगों ने उनके सम्मुख बिजली, पानी, सड़क, विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती करने की मांग रखी। माहरा ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।
बाद में सांसद ने पंचेेश्वर क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने बांध प्रभावित से मिलकर वार्ता की।
माहरा ने कहा कि पंचेेश्वर बांध तो नेपाल के साथ साझा करके बनाया जा रहा है, इससे हमें फायदे कम नुकसान ज्यादा है। एक तो वर्तमान में इतने बड़े बांध की मंजूरी वर्ल्ड डेम एसोसिएशन भी नहीं देता है। उन्होंने कहा कि यह बांध मानकों के अनुरूप नहीं बन रहा है। उन्होंने कहा कि बांध बनने से सुरक्षा की दृष्टि से हमें हर समय खतरा बना रहेगा, रेल प्रोजेक्ट खराब होगा, काली के किनारे जौलजीबी मोटर मार्ग भी नहीं बन सकेगा। टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग पर भी असर पड़ेगा। बताया कि उनकी अपनी सोच थी कि चमगाड़ बांध परियोजना बने, जिसमें चार सौ मेगावाट बिजली भी पैदा होने का लक्ष्य था। इस परियोजना का कार्य भी शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि चमगाड़ बांध बनने से बांध प्रभावित भी कम होते और वह अपनी भारत की जमीन पर बनता। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओंकार धौनी, डीडी पांडेय, मनोज कालाकोटी, शैलेंद्र राय, जितेंद्र साह आदि मौजूद रहे।
बाद में सांसद ने पंचेेश्वर क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने बांध प्रभावित से मिलकर वार्ता की।
माहरा ने कहा कि पंचेेश्वर बांध तो नेपाल के साथ साझा करके बनाया जा रहा है, इससे हमें फायदे कम नुकसान ज्यादा है। एक तो वर्तमान में इतने बड़े बांध की मंजूरी वर्ल्ड डेम एसोसिएशन भी नहीं देता है। उन्होंने कहा कि यह बांध मानकों के अनुरूप नहीं बन रहा है। उन्होंने कहा कि बांध बनने से सुरक्षा की दृष्टि से हमें हर समय खतरा बना रहेगा, रेल प्रोजेक्ट खराब होगा, काली के किनारे जौलजीबी मोटर मार्ग भी नहीं बन सकेगा। टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग पर भी असर पड़ेगा। बताया कि उनकी अपनी सोच थी कि चमगाड़ बांध परियोजना बने, जिसमें चार सौ मेगावाट बिजली भी पैदा होने का लक्ष्य था। इस परियोजना का कार्य भी शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि चमगाड़ बांध बनने से बांध प्रभावित भी कम होते और वह अपनी भारत की जमीन पर बनता। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओंकार धौनी, डीडी पांडेय, मनोज कालाकोटी, शैलेंद्र राय, जितेंद्र साह आदि मौजूद रहे।
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