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पत्नी के हत्यारोपी पति को आजीवन कारावास
Updated Thu, 29 Nov 2018 10:36 PM IST
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चंपावत। पत्नी की हत्या के दोषी पति को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल ने बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने डेढ़ वर्ष से कम समय में इस मामले में फैसला सुनाया।
चंपावत से 28 किलोमीटर दूर लेक अमोड़ी गांव के चमठोला में 18 जून, 2017 को ईश्वरी दत्त भट्ट ने अपनी पत्नी ममता देवी को घर में कुल्हाड़ी से काट कर मौत के घाट उतार दिया था। दो मासूम बच्चों की मां ममता देवी की हत्या से पूरा इलाका सन्न रह गया था। मामले में ममता के ससुर जोगादत्त भट्ट की तहरीर पर चंपावत कोतवाली के अंतर्गत आने वाली चल्थी पुलिस चौकी में आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। आरोपी ने अदालत में दिए गए बयान में भी कत्ल करना स्वीकार किया था।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल ने आरोपी के बयान, विभिन्न दस्तावेज, कई साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ईश्वरी दत्त भट्ट को हत्या का दोषी पाया। उन्होंने ईश्वरी दत्त को आईपीसी की धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। ईश्वरी दत्त भट्ट इस वक्त अल्मोड़ा की जिला जेल में बंद है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील खर्कवाल और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने की।
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चंपावत से 28 किलोमीटर दूर लेक अमोड़ी गांव के चमठोला में 18 जून, 2017 को ईश्वरी दत्त भट्ट ने अपनी पत्नी ममता देवी को घर में कुल्हाड़ी से काट कर मौत के घाट उतार दिया था। दो मासूम बच्चों की मां ममता देवी की हत्या से पूरा इलाका सन्न रह गया था। मामले में ममता के ससुर जोगादत्त भट्ट की तहरीर पर चंपावत कोतवाली के अंतर्गत आने वाली चल्थी पुलिस चौकी में आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। आरोपी ने अदालत में दिए गए बयान में भी कत्ल करना स्वीकार किया था।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल ने आरोपी के बयान, विभिन्न दस्तावेज, कई साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ईश्वरी दत्त भट्ट को हत्या का दोषी पाया। उन्होंने ईश्वरी दत्त को आईपीसी की धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। ईश्वरी दत्त भट्ट इस वक्त अल्मोड़ा की जिला जेल में बंद है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील खर्कवाल और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने की।