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आबादी में पहुंचे घायल हिरन के बच्चे की मौत
Updated Tue, 08 May 2018 11:40 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। नगर से लगे ग्राम पंचायत पाटन-पाटनी के पास जंगलों से भटकते हुए पहुंचे एक हिरन के घायल बच्चे की मौत हो गई। बच्चे को उपचार के लिए ग्रामीण पशु चिकित्सालय लोहाघाट लेकर आए। उपचार के बाद बच्चा वन कर्मियों को सौंप दिया। कुछ समय बाद उसने रेंज कार्यालय में दम तोड़ दिया।
मंगलवार को एक हिरन का बच्चा पाटन के विश्वकर्मा तोक में जंगल से भटककर गांव में पहुंच गया। कुत्तों ने उसे बुरी तरह से घायल कर दिया। इस दौरान अजय विश्वकर्मा, सूरज विश्वकर्मा, सचिन, विकास, बृजेश, रवि, सागर, विक्रम ने बच्चे को कुत्तों से बचाया। ग्रामीणों ने घायल बच्चे को उपचार के लिए पशु अस्पताल पहुंचाया और वन विभाग को जानकारी दी।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीके चंद ने बताया कि बच्चा मादा है, जिसकी उम्र करीब आठ महीने होगी। सूचना मिलने पर वनकर्मी उसे रेंज कार्यालय लोहाघाट ले आए। रेंजर दीप जोशी ने बताया कि बच्चे ने रेंज कार्यालय में दम तोड़ दिया। हिरन के बच्चे को दफना दिया गया है। वहां पर ग्राम प्रधान सुभाष विश्वकर्मा, मोहन पाटनी आदि मौजूद थे।
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मंगलवार को एक हिरन का बच्चा पाटन के विश्वकर्मा तोक में जंगल से भटककर गांव में पहुंच गया। कुत्तों ने उसे बुरी तरह से घायल कर दिया। इस दौरान अजय विश्वकर्मा, सूरज विश्वकर्मा, सचिन, विकास, बृजेश, रवि, सागर, विक्रम ने बच्चे को कुत्तों से बचाया। ग्रामीणों ने घायल बच्चे को उपचार के लिए पशु अस्पताल पहुंचाया और वन विभाग को जानकारी दी।
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पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीके चंद ने बताया कि बच्चा मादा है, जिसकी उम्र करीब आठ महीने होगी। सूचना मिलने पर वनकर्मी उसे रेंज कार्यालय लोहाघाट ले आए। रेंजर दीप जोशी ने बताया कि बच्चे ने रेंज कार्यालय में दम तोड़ दिया। हिरन के बच्चे को दफना दिया गया है। वहां पर ग्राम प्रधान सुभाष विश्वकर्मा, मोहन पाटनी आदि मौजूद थे।
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