{"_id":"5cbca192bdec22146325bd34","slug":"2-lakhs-rupees-withdrew","type":"story","status":"publish","title_hn":"बगैर आवेदन जीपीएफ से निकल गए दो लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बगैर आवेदन जीपीएफ से निकल गए दो लाख रुपये
Sun, 21 Apr 2019 10:30 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sun, 21 Apr 2019 10:30 PM IST
विज्ञापन
पशुपालन विभाग का कर्मी नवीन गुरुरानी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पशुपालन विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मी के जीपीएफ (जनरल प्रोविडेंट फंड) से दो लाख रुपये से अधिक की रकम निकल गई और कर्मी को इसकी भनक तक नहीं लगी। करीब पांच साल बाद मामले का पता चला तो कर्मचारी ने फौरन मामले की जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को दी, लेकिन सात माह बीतने के बावजूद कर्मी को इंसाफ नहीं मिला। न्याय नहीं मिलने पर अब कर्मचारी ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद परिवार सहित भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मी नवीन गुरुरानी के जीपीएफ खाते से 201344 रुपये बगैर आवेदन के 12 सितंबर 2013 को आहरित हुए। नवीन का कहना है कि उन्होंने न तो जीपीएफ खाते से रुपये निकाले और न ही इसके लिए आवेदन किया था। इस बीच जीपीएफ खाते ऑनलाइन हुए तो उन्होंने पिछले साल सितंबर को खाते का ब्योरा चेक किया।
विज्ञापन
कर्मी का कहना है कि खाते से 201344 रुपये की रकम निकली देख उनके होश उड़ गए। 19 सितंबर 2018 को उन्होंने इसकी जानकारी पत्र भेजकर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दी लेकिन सात माह से अधिक बीतने के बावजूद न तो धनराशि खाते में आई है और न ही यह पता चल सका कि ये रकम किसने निकाली।
विज्ञापन
परेशान कर्मी ने अब जिलाधिकारी के सम्मुख मामले को उठाने के अलावा न्याय नहीं मिलने पर चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद परिवार सहित भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
कर्मचारी नवीन गुरुरानी ने जीपीएफ से रकम निकालने के लिए आवेदन नहीं किया था और न ही धन निकालने के कोई बाउचर उनके कार्यालय से गए। आहरण के इस मामले की जानकारी होने पर मुख्य कोषागार अधिकारी और देहरादून स्थित डाटा केंद्र से संपर्क साधा गया है। कर्मी को पूरा न्याय मिलेगा।
-डॉ. बीएस जंगपांगी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, चंपावत।