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सफाई के अभाव में नगर में फैल रही गंदगी
Updated Sun, 11 Mar 2018 11:28 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। नगर पंचायत में नियमित स्वच्छकों की नियुक्तियां नहीं होने से नगर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय मार्ग किनारे पॉलिथीन के ढेर लगे हैं।
व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने प्रशासन से नगर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही नगर पंचायत में नियमित सफाई कर्मी नियुक्त करने की मांग की है।
नगर पंचायत का गठन हुए करीब चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन नगर पंचायत में अभी ईओ के अतिरिक्त अन्य पदों पर नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। इसके चलते क्षेत्रवासियों के कार्य नहीं हो पा रहे हैं। उधर, नियमित स्वच्छकों के नहीं होने से नगर क्षेत्र में गंदगी का ढेर लगा हुआ है। पाटनी तिराहे से नेपाल को जाने वाले अंतरराष्ट्रीय मार्ग किनारे फैली गंदगी से संक्रमण का खतरा भी बना है।
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मानदेय के भुगतान को तरस रहे पर्यावरण मित्र
नगर पंचायत गठन के बाद सात वार्डों में एक-एक स्वच्छता समिति का गठन किया गया था। जिन्हें सरकार से मिलने वाले मानदेय का भुगतान अब तक नहीं किया जा सका है। उधर, पिछले वर्ष अगस्त में स्वच्छकों को ठेका प्रथा पर रखा गया था, लेकिन तीन माह बाद अक्तूबर में ठेका निरस्त कर दिया गया। इसके बाद स्वच्छता समितियों के माध्यम से नगर की सफाई व्यवस्था का संचालन दोबारा किया जा रहा है, लेकिन नगर पंचायत क्षेत्र में कई समितियों को लोगों द्वारा पूर्ण भुगतान नहीं किए जाने से स्वच्छक परेशान हैं। इसके चलते नगर की भी सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है।
कोट---
जल्द ही नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुचारु करा दी जाएगी। पर्यावरण मित्रों के लंबित मानदेय के भुगतान को शासन प्रशासन को लिखा जाएगा। -नौनी राम, ईओ, बनबसा नगर पंचायत।
व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने प्रशासन से नगर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही नगर पंचायत में नियमित सफाई कर्मी नियुक्त करने की मांग की है।
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नगर पंचायत का गठन हुए करीब चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन नगर पंचायत में अभी ईओ के अतिरिक्त अन्य पदों पर नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। इसके चलते क्षेत्रवासियों के कार्य नहीं हो पा रहे हैं। उधर, नियमित स्वच्छकों के नहीं होने से नगर क्षेत्र में गंदगी का ढेर लगा हुआ है। पाटनी तिराहे से नेपाल को जाने वाले अंतरराष्ट्रीय मार्ग किनारे फैली गंदगी से संक्रमण का खतरा भी बना है।
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मानदेय के भुगतान को तरस रहे पर्यावरण मित्र
नगर पंचायत गठन के बाद सात वार्डों में एक-एक स्वच्छता समिति का गठन किया गया था। जिन्हें सरकार से मिलने वाले मानदेय का भुगतान अब तक नहीं किया जा सका है। उधर, पिछले वर्ष अगस्त में स्वच्छकों को ठेका प्रथा पर रखा गया था, लेकिन तीन माह बाद अक्तूबर में ठेका निरस्त कर दिया गया। इसके बाद स्वच्छता समितियों के माध्यम से नगर की सफाई व्यवस्था का संचालन दोबारा किया जा रहा है, लेकिन नगर पंचायत क्षेत्र में कई समितियों को लोगों द्वारा पूर्ण भुगतान नहीं किए जाने से स्वच्छक परेशान हैं। इसके चलते नगर की भी सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है।
कोट---
जल्द ही नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुचारु करा दी जाएगी। पर्यावरण मित्रों के लंबित मानदेय के भुगतान को शासन प्रशासन को लिखा जाएगा। -नौनी राम, ईओ, बनबसा नगर पंचायत।