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रोडवेज की 19 बसों के पहिए जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Sat, 04 Feb 2017 09:56 PM IST
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रोडवेज की 19 बसों के पहिए जाम
- फोटो : अमर उजाला
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लोहाघाट (चंपावत)। टायरों की कमी के चलते रोडवेज की 19 बसों के पहिए जाम हो गए हैं। बसें नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रोडवेज प्रबंधक को रोज करीब ढाई लाख रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है। वहीं आउटसोर्स कर्मियों को भी ड्यूटी नहीं मिल पा रही है।
लोहाघाट डिपो में 48 बसें हैं। इनमें से 19 बसें इन दिनों आउट ऑफ रूट हैं। फोरमेन दीपक सिंह का कहना है कि बसों में टायरों की कमी के चलते 28 जनवरी से संचालन पर असर पड़ना शुरू हुआ था। शनिवार तक टायरों के अभाव में 19 बसों को छमनियांचौड़ स्थित रोडवेज कार्यशाला में खड़ा किया गया है।
लोगों का कहना है कि अधिक किराया देकर प्राइवेट वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। सीधी बस सेवा न मिलने से रुक-रुक कर मंजिल तक पहुंचना हो रहा है।
बसों का संचालन ठप होने से आउटसोर्स चालक-परिचालकों की ड्यूटी पर भी असर पड़ रहा है। इन कर्मियों को किलोमीटर के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। ऐसे में उन्हें भी मानदेय में नुकसान भुगतना पड़ेगा। लोहाघाट डिपो के सहायक महाप्रबंधक मोहम्मद नसीर का कहना है कि बसों के टायर बदलने को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जा चुका है।
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उनके स्तर से शीघ्र टायरों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया जा रहा है। 19 बसों का संचालन ठप होने से डिपो को रोज करीब दो से ढाई लाख रुपए का घाटा हो रहा है।
लोहाघाट डिपो में 48 बसें हैं। इनमें से 19 बसें इन दिनों आउट ऑफ रूट हैं। फोरमेन दीपक सिंह का कहना है कि बसों में टायरों की कमी के चलते 28 जनवरी से संचालन पर असर पड़ना शुरू हुआ था। शनिवार तक टायरों के अभाव में 19 बसों को छमनियांचौड़ स्थित रोडवेज कार्यशाला में खड़ा किया गया है।
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लोगों का कहना है कि अधिक किराया देकर प्राइवेट वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। सीधी बस सेवा न मिलने से रुक-रुक कर मंजिल तक पहुंचना हो रहा है।
बसों का संचालन ठप होने से आउटसोर्स चालक-परिचालकों की ड्यूटी पर भी असर पड़ रहा है। इन कर्मियों को किलोमीटर के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। ऐसे में उन्हें भी मानदेय में नुकसान भुगतना पड़ेगा। लोहाघाट डिपो के सहायक महाप्रबंधक मोहम्मद नसीर का कहना है कि बसों के टायर बदलने को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जा चुका है।
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उनके स्तर से शीघ्र टायरों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया जा रहा है। 19 बसों का संचालन ठप होने से डिपो को रोज करीब दो से ढाई लाख रुपए का घाटा हो रहा है।