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मानदेय न मिलने पर साक्षरता प्रेरकों ने जताया रोष
Updated Wed, 14 Nov 2018 10:48 PM IST
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चंपावत। जिले में एक साल से अधिक समय से बेरोजगार चल रहे लोक साक्षरता केंद्रों के साक्षरता प्रेरकों ने मानदेय न मिलने पर रोष प्रकट किया है। साक्षरता प्रेरकों की बुधवार को मानेश्वर में हुई बैठक में भाजपा सरकार पर प्रेरकों के साथ छलावा कर उनका रोजगार छीनने का आरोप लगाया गया।
कहा गया कि दीपावली पर्व में प्रेरकों के खाते में 16 माह के रुके हुए मानदेय के भुगतान का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अब तक मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है। पिछली दीपावली में भी प्रेरकों को मानदेय का भुगतान नहीं हो सका था। जिस कारण प्रेरकों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
चौड़ा राजपुरा की वरिष्ठ प्रेरक कंचन जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लक्ष्मण सिंह, विपिन पचौली, उषा जोशी आदि ने प्रेरकों को अन्य परियोजनाओं में समायोजित किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित का कहना है कि लोक साक्षरता केंद्रों का अस्तित्व करीब डेढ़ साल पूर्व समाप्त हो गया है। प्रेरकों के मानदेय का भुगतान शासन स्तर पर लंबित है।
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कहा गया कि दीपावली पर्व में प्रेरकों के खाते में 16 माह के रुके हुए मानदेय के भुगतान का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अब तक मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है। पिछली दीपावली में भी प्रेरकों को मानदेय का भुगतान नहीं हो सका था। जिस कारण प्रेरकों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
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चौड़ा राजपुरा की वरिष्ठ प्रेरक कंचन जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लक्ष्मण सिंह, विपिन पचौली, उषा जोशी आदि ने प्रेरकों को अन्य परियोजनाओं में समायोजित किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित का कहना है कि लोक साक्षरता केंद्रों का अस्तित्व करीब डेढ़ साल पूर्व समाप्त हो गया है। प्रेरकों के मानदेय का भुगतान शासन स्तर पर लंबित है।
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