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एक साथ किया जाए बांध विस्थापितों का पुनर्वास
Updated Wed, 27 Sep 2017 11:32 PM IST
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चंपावत। जिले में प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों ने सभी विस्थापितों को एक ही स्थान पर एक साथ पुनर्वासित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में बुधवार को प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के एक शिष्टमंडल ने एडीएम हेमंत कुमार वर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
डूब क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों का कहना था कि चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के बीच आपसी धार्मिक रीति रिवाज एक समान होने तथा आपस में काफी रिश्ते नाते होने के कारण दोनों ही जिलों के प्रभावितों को एक साथ एक ही स्थान पर पुनर्वासित किया जाए। उन्होंने प्रशासन से भवन निर्माण के लिए 250 वर्ग मीटर भूमि को बढ़ाकर 500 वर्ग मीटर किए जाने, भवन निर्माण के लिए चार किस्तों में दी जाने वाली दस लाख रुपये की धनराशि को बढ़ाकर तीस लाख रुपये किए जाने, क्षतिपूर्ति की धनराशि में पचास फीसदी का इजाफा किए जाने, पुत्र के नाम से भूमि न होने पर सात एकड़ कृषि भूृमि निशुल्क दिए जाने और विस्थापितों को उपजाऊ भूमि में बसाने की मांग प्रमुखता से उठाई। मांगे नहीं माने जाने की सूरत में प्रभावित क्षेत्र में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में किशन राम, लक्ष्मी दत्त, कैलाश चंद्र, उमाशंकर, श्याम दत्त, चिंतामणी, गणेश दत्त, गणेश सिंह, दीपक पंत, लक्ष्मण महर, सुरेश सामंत आदि शामिल रहे।
डूब क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों का कहना था कि चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के बीच आपसी धार्मिक रीति रिवाज एक समान होने तथा आपस में काफी रिश्ते नाते होने के कारण दोनों ही जिलों के प्रभावितों को एक साथ एक ही स्थान पर पुनर्वासित किया जाए। उन्होंने प्रशासन से भवन निर्माण के लिए 250 वर्ग मीटर भूमि को बढ़ाकर 500 वर्ग मीटर किए जाने, भवन निर्माण के लिए चार किस्तों में दी जाने वाली दस लाख रुपये की धनराशि को बढ़ाकर तीस लाख रुपये किए जाने, क्षतिपूर्ति की धनराशि में पचास फीसदी का इजाफा किए जाने, पुत्र के नाम से भूमि न होने पर सात एकड़ कृषि भूृमि निशुल्क दिए जाने और विस्थापितों को उपजाऊ भूमि में बसाने की मांग प्रमुखता से उठाई। मांगे नहीं माने जाने की सूरत में प्रभावित क्षेत्र में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में किशन राम, लक्ष्मी दत्त, कैलाश चंद्र, उमाशंकर, श्याम दत्त, चिंतामणी, गणेश दत्त, गणेश सिंह, दीपक पंत, लक्ष्मण महर, सुरेश सामंत आदि शामिल रहे।
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