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काउंसलिंग के बावजूद जीआईसी रीठाखाल को प्रवक्ता नहीं मिला
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:23 PM IST
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चंपावत। पाटी ब्लाक के दूरस्थ राजकीय इंटर कॉलेज रीठाखाल में शिक्षकों की कमी नौनिहालों पर भारी पड़ रही है। कालेज में तीन विषयों के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। शिक्षक अभिभावक एसोसिएशन ने काम चलाने के लिए अपने स्तर से दो शिक्षक रखे हैं। इसी साल चार बार आंदोलन करने के बावजूद यहां के लोगों के हाथ फिर मायूसी लगी है। शनिवार को देहरादून में अर्थशास्त्र विषय के प्रवक्ताओं की काउंसलिंग हुई, लेकिन इसी क्षेत्र के अभ्यर्थी को प्रवक्ता के रूप में इस कालेज में नहीं भेजा गया।
जिला मुख्यायल से करीब 60 किलोमीटर दूर जीआईसी रीठाखाल में 550 छात्र-छात्राएं हैं। इंटर में ही 160 छात्र हैं। लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए कई विषयों के प्रवक्ता नहीं है। पीटीए अध्यक्ष लीलाधर भट्ट का कहना है कि अर्थशास्त्र, हिंदी व इतिहास विषय को पढ़ाने वाला कोई नहीं हैं। शनिवार को देहरादून में अर्थशास्त्र के प्रवक्ता के लिए काउंसलिंग में रीठाखाल क्षेत्र से चयनित एक प्रवक्ता भी थे, मगर उन्हें इस कॉलेज में नहीं भेजा गया।
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इससे यहां के लोगों में मायूसी है। पीटीए अध्यक्ष लीलाधर भट्ट और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष मोहन सिंह बोहरा ने फिर से शिक्षकों के लिए आंदोलन करने का ऐलान किया है। कहा कि शिक्षकों की कमी यहां छात्रों के भविष्य को चौपट कर रही है। शिक्षकों की तैनाती न होने से विज्ञान संकाय भी शुरू नहीं हो सकी है। 31 जुलाई तक रिक्त पदों पर तैनाती नहीं होने पर फिर से आंदोलन किया जाएगा।
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कोट
काउंसलिंग में रीठाखाल सहित अन्य कॉलेजों के रिक्त पदों को भरे जाने का आग्रह किया गया है। जून में अंग्रेजी विषय पर एक प्रवक्ता की तैनाती की गई है। अन्य विषयों के प्रवक्ताओं के पदों को भरने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
आरसी पुरोहित मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।