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अब आरटीआई कार्यकर्ता ने दी भाजपा कार्यालय में आत्मदाह की धमकी, हड़कंप
Updated Mon, 08 Jan 2018 11:13 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। आरटीआई कार्यकर्ता केदार सामंत ने अपनी व्यथा सुनाने के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए 20 मिनट का समय मांगा है। कहा है कि 45 दिन में वार्ता तय न होने पर आत्मदाह कर लेगा। सामंत ने मुख्यमंत्री को डाक से भेजे इस चेतावनी पत्र को सोशल मीडिया पर वायरल किया है।
स्पीड पोस्ट से सोमवार को भेजे पत्र में आरटीआई कार्यकर्ता सामंत ने कहा है कि वह भी एक ट्रांसपोर्टर है, लेकिन उसने कमाई के लिए कभी झूठ, धोखा, असंवैधानिक तरीकों का प्रयोग नहीं किया।
इसके बावजूद उसके साथ अधिकारी, नेता, कर्मचारियों समेत कुछ कंपनियों ने भी धोखा किया है। इससे वह बुरी तरह टूट चुका है। उसने कहा है कि वह इंसाफ के लिए हर दरवाजे पर गया, गिड़गिड़ाया लेकिन किसी ने उसे इंसाफ नहीं दिलाया। आज वह इस स्थिति में पहुंच गया है कि ट्रांसपोर्टर प्रकाश की ही तरह आत्महत्या का कदम उठाने को मजबूर हो रहा है। सामंत ने अपनी व्यथा सुनाने के लिए मुख्यमंत्री से 20 मिनट का समय मांगा है। आगाह किया है कि 45 दिन के अंदर उसे समय नहीं दिया गया तो वह सचिवालय या भाजपा के चंपावत, टनकपुर कार्यालय में कभी भी आत्मदाह कर सकता है। आरटीआई कार्यकर्ता की इस चेतावनी के बाद पुलिस, प्रशासन सतर्क हो गया है। उससे संपर्क के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
स्पीड पोस्ट से सोमवार को भेजे पत्र में आरटीआई कार्यकर्ता सामंत ने कहा है कि वह भी एक ट्रांसपोर्टर है, लेकिन उसने कमाई के लिए कभी झूठ, धोखा, असंवैधानिक तरीकों का प्रयोग नहीं किया।
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इसके बावजूद उसके साथ अधिकारी, नेता, कर्मचारियों समेत कुछ कंपनियों ने भी धोखा किया है। इससे वह बुरी तरह टूट चुका है। उसने कहा है कि वह इंसाफ के लिए हर दरवाजे पर गया, गिड़गिड़ाया लेकिन किसी ने उसे इंसाफ नहीं दिलाया। आज वह इस स्थिति में पहुंच गया है कि ट्रांसपोर्टर प्रकाश की ही तरह आत्महत्या का कदम उठाने को मजबूर हो रहा है। सामंत ने अपनी व्यथा सुनाने के लिए मुख्यमंत्री से 20 मिनट का समय मांगा है। आगाह किया है कि 45 दिन के अंदर उसे समय नहीं दिया गया तो वह सचिवालय या भाजपा के चंपावत, टनकपुर कार्यालय में कभी भी आत्मदाह कर सकता है। आरटीआई कार्यकर्ता की इस चेतावनी के बाद पुलिस, प्रशासन सतर्क हो गया है। उससे संपर्क के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
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