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अस्पतालों में कुते काटे की वैक्सीन नहीं
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:59 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराकोट और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोहाघाट में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) नहीं है। इस कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ताजा घटना में बाराकोट विकासखंड की एक महिला को कुत्ते ने काट लिया, लेकिन वैक्सीन न होने से बाजार से एआरवी खरीदकर काम चलाया।
बाराकोट विकासखंड के फरतोला गांव की शांति वर्मा (60) पत्नी रमेश लाल वर्मा पिछले दिनों सुनारगांव गई थी। इसी दौरान दो कुत्तों ने हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। शांति के पुत्र मुकेश वर्मा ने अपनी मां को एआरवी लगाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराकोट में संपर्क किया, तो उन्हें वहां टीके न होने की बात कहकर लोहाघाट जाने को कहा गया। पीड़िता को लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन यहां भी टीका न होने की बात कही गई। बाद में उन्होंने मेडिकल स्टोर से 325 रुपये में एआरवी खरीदा। तभी अस्पताल कर्मियों द्वारा उनकी मां को टीका लगाया गया। सरकारी अस्पतालों में एआरवी न होने से सबसे अधिक दिक्कतें गरीब लोगों को हो रही हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण टीका लगाए बिना ही लौटना पड़ रहा है। बाराकोट के व्यापार संघ अध्यक्ष हरीश लाल वर्मा, मुकेश वर्मा, ग्राम प्रधान सुनील वर्मा, सूरज अधिकारी, राजेश कुमार आदि ने अस्पताल में टीके उपलब्ध कराने की मांग की है।
बाराकोट की पीड़िता मेडिकल स्टोर से एआरवी ले रही
लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि करीब एक माह से एआरवी समाप्त हुई है। टीके उपलब्ध कराने के लिए कई बार मांग की जा चुकी है। वहीं बाराकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक सिंह का कहना है कि अस्पताल में एंटी रैबीज के टीके उपलब्ध कराने की मांग उच्चाधिकारियों से की गई है, लेकिन टीके नहीं मिल सके हैं।
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बाराकोट विकासखंड के फरतोला गांव की शांति वर्मा (60) पत्नी रमेश लाल वर्मा पिछले दिनों सुनारगांव गई थी। इसी दौरान दो कुत्तों ने हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। शांति के पुत्र मुकेश वर्मा ने अपनी मां को एआरवी लगाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराकोट में संपर्क किया, तो उन्हें वहां टीके न होने की बात कहकर लोहाघाट जाने को कहा गया। पीड़िता को लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन यहां भी टीका न होने की बात कही गई। बाद में उन्होंने मेडिकल स्टोर से 325 रुपये में एआरवी खरीदा। तभी अस्पताल कर्मियों द्वारा उनकी मां को टीका लगाया गया। सरकारी अस्पतालों में एआरवी न होने से सबसे अधिक दिक्कतें गरीब लोगों को हो रही हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण टीका लगाए बिना ही लौटना पड़ रहा है। बाराकोट के व्यापार संघ अध्यक्ष हरीश लाल वर्मा, मुकेश वर्मा, ग्राम प्रधान सुनील वर्मा, सूरज अधिकारी, राजेश कुमार आदि ने अस्पताल में टीके उपलब्ध कराने की मांग की है।
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बाराकोट की पीड़िता मेडिकल स्टोर से एआरवी ले रही
लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि करीब एक माह से एआरवी समाप्त हुई है। टीके उपलब्ध कराने के लिए कई बार मांग की जा चुकी है। वहीं बाराकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक सिंह का कहना है कि अस्पताल में एंटी रैबीज के टीके उपलब्ध कराने की मांग उच्चाधिकारियों से की गई है, लेकिन टीके नहीं मिल सके हैं।
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