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ऊधमसिंह नगर भेजे गए चंपावत राहत केंद्र के 17 मजदूर
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बहेड़ी के मजदूरों को ऊधमसिंह नगर शिफ्ट करने से पूर्व कागजातों की पड़ताल करते नायब तहसीलदार ज्यो?
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। नगर के रैनबसेरा राहत शिविर के 17 मजदूरों को शनिवार शाम यहां से शिफ्ट कर दिया गया। इन मजदूरों को रोडवेज की बस से भेजा गया। उत्तर प्रदेश के बहेड़ी के रहने वाले ये मजदूर ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा और रुद्रपुर में शिफ्ट किए जाएंगे। शनिवार को नायब तहसीलदार ज्योति थपवाल के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने इन मजदूरों के प्रपत्रों की औपचारिकता पूरी की। डॉ. मनीष बिष्ट और डॉ. गिजेेंद्र सिंह ने मजदूरों का बुखार नापने के अलावा अन्य चिकित्सकीय परीक्षण किया। रैनबसेरा के इस राहत शिविर के दो मंजिल में कुल 40 मजदूर हैं। नौ मजदूरों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। अब यहां कुल 14 मजदूर रह गए हैं। ब्यूरो
आइसोलेशन से हटाया, क्वारंटीन किया गया नेपाली मजदूर
चंपावत। जिले का एकमात्र आइसोलेशन में रखा गया नेपाली मजदूर अब क्वारंटीन में शिफ्ट कर दिया गया है। संस्थागत क्वारंटीन की संख्या में भी एक की कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग के जिला कंट्रोल रूम के प्रभारी गौरव पांडेय ने बताया कि संस्थागत क्वारंटीन की संख्या 46 से घटकर 45 हो गई है, जबकि होम क्वारंटीन लोगों की संख्या 5198 हो गई है। जिले में कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं है। जिले के सभी 46 सैंपल निगेटिव आए हैं। ब्यूरो
207 नेपाली नागरिकों को आज भेजा जाएगा नेपाल
टनकपुर/लोहाघाट (चंपावत)। टनकपुर, बनबसा समेत जिले के सभी राहत कैंपों में रह रहे नेपाली नागरिकों को रविवार को सुबह नेपाल भेजने की तैयारी है। दोनों देशों के सीमांत जिलों के प्रशासन की सहमति पर यह फैसला लिया गया है। जिले के टनकपुर, बनबसा, चंपावत राहत कैंपों में 207 नेपाली नागरिक एक माह से अधिक समय से ठहरे हैं। एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि नेपाल प्रशासन से वार्ता के बाद रविवार सुबह आठ बजे नेपाली नागरिकों को बनबसा सीमा के रास्ते नेपाल प्रशासन के सुपुर्द किया जाएगा। तहसीलदार खुशबू पांडेय और नायब तहसीलदार पिंकी आर्या ने बताया कि जिले के राहत कैंपों में रह रहे 207 नेपाली नागरिकों को उनके देश भेजने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। उन्हें नेपाल सीमा तक छोड़ने के लिए रोडवेज की आठ बसों की व्यवस्था की गई है। लोहाघाट से लॉकडाउन के कारण फंसे तीन नेपाली मजदूरों को प्रशासन ने टनकपुर तक भेज दिया है। यहां अब बहराइच और पीलीभीत के 27 मजदूर अग्रिम आदेशों तक राहत कैंप में बने रहेंगे। संवाद
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आइसोलेशन से हटाया, क्वारंटीन किया गया नेपाली मजदूर
चंपावत। जिले का एकमात्र आइसोलेशन में रखा गया नेपाली मजदूर अब क्वारंटीन में शिफ्ट कर दिया गया है। संस्थागत क्वारंटीन की संख्या में भी एक की कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग के जिला कंट्रोल रूम के प्रभारी गौरव पांडेय ने बताया कि संस्थागत क्वारंटीन की संख्या 46 से घटकर 45 हो गई है, जबकि होम क्वारंटीन लोगों की संख्या 5198 हो गई है। जिले में कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं है। जिले के सभी 46 सैंपल निगेटिव आए हैं। ब्यूरो
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207 नेपाली नागरिकों को आज भेजा जाएगा नेपाल
टनकपुर/लोहाघाट (चंपावत)। टनकपुर, बनबसा समेत जिले के सभी राहत कैंपों में रह रहे नेपाली नागरिकों को रविवार को सुबह नेपाल भेजने की तैयारी है। दोनों देशों के सीमांत जिलों के प्रशासन की सहमति पर यह फैसला लिया गया है। जिले के टनकपुर, बनबसा, चंपावत राहत कैंपों में 207 नेपाली नागरिक एक माह से अधिक समय से ठहरे हैं। एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि नेपाल प्रशासन से वार्ता के बाद रविवार सुबह आठ बजे नेपाली नागरिकों को बनबसा सीमा के रास्ते नेपाल प्रशासन के सुपुर्द किया जाएगा। तहसीलदार खुशबू पांडेय और नायब तहसीलदार पिंकी आर्या ने बताया कि जिले के राहत कैंपों में रह रहे 207 नेपाली नागरिकों को उनके देश भेजने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। उन्हें नेपाल सीमा तक छोड़ने के लिए रोडवेज की आठ बसों की व्यवस्था की गई है। लोहाघाट से लॉकडाउन के कारण फंसे तीन नेपाली मजदूरों को प्रशासन ने टनकपुर तक भेज दिया है। यहां अब बहराइच और पीलीभीत के 27 मजदूर अग्रिम आदेशों तक राहत कैंप में बने रहेंगे। संवाद
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