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आउटसोर्स कर्मी हटाने से सफाई व्यवस्था चरमराई

Sun, 06 May 2018 10:53 PM IST
Updated Sun, 06 May 2018 10:53 PM IST
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आउटसोर्स कर्मी हटाने से सफाई व्यवस्था चरमराई

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टनकपुर (चंपावत)।
नगर पालिका में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को हटाने से शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। विभिन्न हिस्सों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर बिखरे होने एवं उससे उठती दुर्गंध से लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है। डिग्री कॉलेज के पास सड़क तक फैली कूड़ाघर की गंदगी से राहगीरों के साथ ही महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं का वहां से गुजरना दूभर हो गया है। तीन दिन से घर-घर कूड़े का उठान भी बंद पड़ा है।

शासन ने निकायों में तैनात आउटसोर्स कर्मियों की तैनाती पर रोक के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद पालिका प्रशासन ने शुक्रवार से ही आउटसोर्स कर्मियों से काम लेना बंद कर दिया है। ईओ जयवीर सिंह राठी के मुताबिक पालिका की सफाई व्यवस्था का पूरा जिम्मा दो दर्जन आउटसोर्स कर्मी संभाल रहे थे। जिन्हें हटाने से अब समस्या खड़ी हो गई है। ईओ ने बताया कि शनिवार को उन्होंने डीएम को शासन के आदेश से पैदा हुई स्थिति से अवगत कराया है। इसके बाद डीएम द्वारा शासन को पत्र भेजा गया है। मामले में शासन से कोई अग्रिम आदेश आने तक आउटसोर्स कर्मियों को बहाल किया जा पाना संभव नहीं है। वहीं, वरिष्ठ लिपिक बसंतराज चंद ने बताया कि तीन ई-रिक्शों, दो छोटा हाथी एवं एक टिप्पर से कूड़े का उठान किया जा रहा था, जो चालकों के अभाव में अब पालिका कार्यालय परिसर में खड़े हो गए हैं।
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निकाय में आउटसोर्सिंग कर्मियों को हटाना अनुचित
टनकपुर (चंपावत)। नगर पालिका परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी धर्मानंद पांडेय ने आउटसोर्स कर्मियों को हटाने की कार्रवाई को अनुचित बताया है। उन्होंने एसडीएम अनिल चन्याल के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर हटाए गए कर्मियों को बहाल करने की मांग की है। कहा है कि आउटसोर्स कर्मियों की सेवा से शहर की सफाई व्यवस्था एवं पालिका के अन्य कामकाज सुचारु हो रहे थे, लेकिन अचानक इस तरह के आदेश से न सिर्फ निकायों का कामकाज प्रभावित हुआ है, बल्कि जनता से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी इसका असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इन दिनों मां श्री पूर्णागिरि मेला चल रहा है। हर दिन मेले में देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आ-जा रहे हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था के लड़खड़ाने से श्रद्धालु भी गंदगी का सामना करने को विवश हो रहे हैं।
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